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जिंदगी के आखिरी दिन भी गाने की तैयारी में लगे हुए थे मोहम्मद रफी

गायक रफी की पुण्यतिथि पर विशेष

Naveen Sharma

Ranchi : मोहम्मद रफी हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन गायकों में शुमार हैं. उनके जैसा फनकार कोई दूसरा नहीं है. रफी साहब का अपने काम के प्रति जुनून ऐसा था कि वे जिंदगी के आखिरी दिन भी गाने की तैयारी में व्यस्त थे.
दरअसल हुआ ये था कि कोलकाता से आए कुछ लोग चाहते थे कि रफी काली पूजा के लिए होनेवाले कार्यक्रम के लिए गाना गाएं. जिस दिन रिकॉर्डिंग थी उस दिन रफी के सीने में बहुत दर्द हो रहा था लेकिन उन्होंने किसी को कुछ नहीं बताया.

वो दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन था. हार्ट अटैक की वजह से 31 जुलाई 1980 को मोहम्मद रफी ने दुनिया को अलविदा कह दिया था.

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पिता लाहौर में हजामत बनाने का करते थे काम

मोहम्मद रफी का जन्म पंजाब के कोटला सुल्तान सिंह गांव में 24 दिसंबर 1924 को हुआ था. हाजी अली मोहम्मद के परिवार में जन्मे मोहम्मद रफी छह भाई बहनों में दूसरे नंबर पर थे. उन्हें घर में फीको कहा जाता था.

गली में फकीर को गाते सुनकर रफी ने गाना शुरू किया था. 1935 में रफी के पिता लाहौर चले गए और वहां भट्टी गेट के नूर मोहल्ले में हजामत बनाने का काम शुरू किया.

19 साल में हो गई थी शादी

मोहम्म्द रफी के निधन के आठ साल बाद उनकी पत्नी बिलकिस रफी ने एक इंटरव्यू में उनके बारे में कई रोचक बातें बताई थीं. बिलकिस की बड़ी बहन की शादी रफी के बड़े भाई से हुई थी. उस समय बिलकिस 13 साल की थीं और छठी क्लास का एग्जाम दे रही थीं. उनकी बहन ने उनसे कहा था कि कल रफी से तुम्हारी शादी है. तब उन्हें शादी का मतलब भी पता नहीं था. शादी के वक्त रफी की उम्र 19 साल थी.

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पब्लिसिटी बिल्कुल पसंद नहीं

मोहम्मद रफी को पब्लिसिटी बिल्कुल पसंद नहीं थी. वो जब भी किसी शादी में जाते थे तो ड्राइवर से कहते थे कि यहीं खड़े रहो. रफी सीधे शादी करने वाले जोड़े के पास जाकर बधाई देते थे और फिर अपनी कार में आ जाते थे. वो जरा देर भी शादी में नहीं रुकते थे. गाने के अलावा मोहम्मद रफी को बैडमिंटन और पतंग उड़ाने का बहुत शौक था.

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कई यादगार भजन गाए

मोहम्मद रफी ने कई यादगार भजन गाए थे. जैसे ईश्वर अल्लाह तेरो नाम ( नया रास्ता), बड़ी देर भई नंदलाला (खानदान), तथा मन रे तू काहे ना धीर धरे. रफी ने अपने शानदार करियर में हिंदी के अलावा करीब 18 भाषाओं में 20,000 से ज्यादा गाने गाए.

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लोकप्रिय गीत

1. ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है : ‘प्यासा’
2. ये दुनिया ये महफिल मेरे काम की नहीं : ‘हीर-रांझा’
3. कर चले हम फिदा जान ओ तन साथियो, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो : ‘हकीकत’
4. क्या हुआ तेरा वादा, वो कसम वो इरादा : ‘हम किसी से कम नहीं’
5. मैंने पूछा चांद से कि देखा है कहीं : ‘अब्दुल्ला’
6. खोया-खोया चांद, खुला आसमान : ‘काला बाजार’
7. लिखे जो खत तुझे, वो तेरी याद में : ‘कन्यादान
8 आने से उसके आए बहार, जाने से उसके जाए बहार : जीने की राह
9 तुम्हारी जुल्फ के साये में शाम कर लूंगा : नौनिहाल
10. बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है : सूरज
11, जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा : ताजमहल
12 आज मौसम बड़ा बेईमान है आज मौसम : लोफर
13 अभी ना जाओ छोड़ कर की दिल अभी भरा नहीं : हमदोनों
14 बार बार देखो हजार बार देखो : चाइना टाउन
15 तारीफ करूं क्या उसकी जिसने तुझे बनाया : कश्मीर की कली
16 तेरी बिंदिया रे : अभिमान .
17 चांद मेरा दिल चांदनी हो तुम : हम किसी से कम नहीं’

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