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मोदी का इंटरव्यू : पत्रकार को निशाना बनाने पर जेटली का ट्वीट, आपातकाल की तानाशाह के पोते ने असली डीएनए दिखाया

आपातकाल की तानाशाह के पोते ने अपना असली डीएनए दिखा दिया. वित्त मंत्री अरुण जेटली   ने टि्वटर पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यह बात कही. बता दें कि न्यूज एजेंसी एएनआई को दिये पीएम मोदी के इंटरव्यू को लेकर राहुल द्वारा उठाये गये सवालों पर जेटली हमलावर हुए

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 NewDelhi : आपातकाल की तानाशाह के पोते ने अपना असली डीएनए दिखा दिया. वित्त मंत्री अरुण जेटली   ने टि्वटर पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए यह बात कही. बता दें कि न्यूज एजेंसी एएनआई को दिये पीएम मोदी के इंटरव्यू को लेकर राहुल द्वारा उठाये गये सवालों पर जेटली हमलावर हुए है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधने के लिए टि्वटर का सहारा लिया. बता दें कि राहुल ने बुधवार को लोकसभा में अपने भाषण में कहा था कि पीएम मोदी ने पूर्वनियोजित साक्षात्कार दिया. इसके बाद राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फिर से इंटरव्यू का मजाक उड़ाया था. क्या आपने प्रधानमंत्री का मंगलवार का साक्षात्कार देखा? वह हंस रहे थे. अनुकूल पत्रकार (साक्षात्कार ले रही थी). वह सवाल पूछ रही थीं और प्रधानमंत्री के जवाब भी दे रही थीं. इस पर वित्त मंत्री जेटली ने ट्वीट करते हुए कहा, आपातकाल की तानाशाह के पोते ने अपना असली डीएनए दिखा दिया है. उन्होंने एक स्वतंत्र संपादक को डराया और धमकी दी है.

 छद्म उदारवादी चुप क्यों हैं? एडिटर्स गिल्ड की प्रतिक्रिया का इंतजार है

साथ ही जेटली ने एक और ट्वीट करते हुए कहा, छद्म उदारवादी चुप क्यों हैं? एडिटर्स गिल्ड की प्रतिक्रिया का इंतजार है.  जान लें कि भाजपा ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी के टेलीविजन साक्षात्कार को पूर्वनियोजित कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा था. गांधी का आरोप यह भीथा कि यह साक्षात्कार एक अनुकूल पत्रकार ने लिया. भाजपा मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी ने अपने बयान में मोदी का साक्षात्कार लेने वाली पत्रकार का बचाव करते हुए कहा कि राहुल गांधी द्वारा मीडियाकर्मी पर निशाना साधना पत्रकारों के बारे में कांग्रेस की मानसिकता दर्शाता है. यह स्वतंत्र पत्रकारिता के बारे में कांग्रेस की मानसिकता रही है. कहा कि राहुल गांधी का डीएनए आपातकाल का है. उनकी पार्टी का पत्रकारिता को कुचलने का इतिहास रहा है. राहुल को अपनी ओछी टिप्पणियों के लिए देश के पत्रकारों से माफी मांगनी चाहिए.

बता दें कि राफेल मामले पर एक साक्षात्कार में प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी ने कहा था कि न जाने मोदी किस दुनिया में रहते हैं, जबकि हकीकत यह है कि पूरा देश उनसे राफेल पर सवाल पूछ रहा है. कहा था कि इस मामले में प्रधानमंत्री को सच्चाई और विश्वसनीयता के साथ जवाब देना चाहिए. राफेल मामले पर प्रधानमंत्री के साथ आमने सामने से बात करने के लिए 20 मिनट दीजिए और फिर आप फैसला करिए कि क्या होता है. लेकिन प्रधानमंत्री के पास  मीडिया के सामने आने का साहस नहीं है.

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