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जवानों की सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार का फैसलाः श्रीनगर आने-जाने के लिए मिलेगी प्लेन की सुविधा

दिल्ली से श्रीनगर, श्रीनगर से दिल्ली, जम्मू से श्रीनगर, श्रीनगर से दिल्ली रूट पर सभी जवानों को फायदा, करीब 7 लाख 80 हजार जवानों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा

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New Delhi: पुलवामा आतंकी हमले के बाद देश के जवानों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है. अब जम्मू-कश्मीर में तैनात सभी सुरक्षाबल के जवान सड़क से जम्मू से श्रीनगर यात्रा नहीं करेंगे. अर्ध सैनिक बलों के जवान श्रीनगर आने और जाने के लिए हवाई सफर कर सकेंगे. इस आदेश के बारे में बुधवार देर शाम ही सुरक्षाबलों के प्रमुखों को अवगत करा दिया गया है. गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक दिल्ली-श्रीनगर, श्रीनगर-दिल्ली, जम्मू-श्रीनगर और श्रीनगर-जम्मू के बीच किसी भी यात्रा के लिए हवाई सफर कर सकेंगे.

ये जवान करेंगे हवाई यात्रा

ये आदेश असम रायफल्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और एनएसजी समेत सभी जवानों पर लागू होगा. यानी जम्मू से श्रीनगर में जो भी जवान अपनी ड्यूटी से लौट रहा हो, उसका ट्रांसफर हुआ हो या फिर घर से वापस आ रहा हो, उन सभी को जम्मू बेस कैंप या नई दिल्ली से श्रीनगर हवाई रास्ते से ही भेजा जाएगा. इसके साथ ही अगर कोई जवान श्रीनगर से लौट रहा है तो भी उसे हवाई सुविधा मिलेगी.

7 लाख 80 हजार जवानों को सीधा लाभ

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पहले हवाई यात्रा सुविधा सीनियर रैंक के अधिकारियों को मिलती थी, लेकिन अब सभी जवानों पर ये नियम लागू होगा. इस आदेश से अर्ध सैनिक बलों के 7,80,000 जवानों को लाभ होगा. इनमें कॉन्स्टेबल, हेड कॉन्स्टेबल और एएसआई से लेकर अन्य वे सभी कर्मी शामिल हैं, जिन्हें अब तक हवाई यात्रा करने का अधिकार नहीं था. इस आदेश के बाद दिल्ली से श्रीनगर, श्रीनगर से दिल्ली, जम्मू से श्रीनगर, श्रीनगर से दिल्ली रूट पर सभी जवानों को फायदा होगा.

गौरतलब है कि पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले के बाद मीडिया रिपोर्ट्स में यह कहा गया था कि अर्धसैनिक बल ने एयर ट्रांजिट की मांग की थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे मंजूर नहीं किया गया था. हालांकि गृह मंत्रालय ने ऐसी खबरों को गलत करार देते हुए कहा था कि सीआरपीएफ की ओर से ऐसी कोई मांग ही नहीं की गई थी.

उल्लेखनीय है कि 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने तब हमला किया था, जब सुरक्षाबलों का एक बड़ा काफिला सड़क के रास्ते जम्मू से श्रीनगर जा रहा था. इसका फायदा उठाते हुए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ने आत्मघाती हमला किया था. जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे.

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