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  मार्च तक 10 करोड़ किसानों के खातों में 2000-2000 रुपये डालेगी मोदी सरकार

इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार मोदी सरकार मार्च के अंत तक लगभग 10 करोड़ किसानों को 2,000-2000 रुपये का भुगतान करेगी.  कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र शेखावत ने इकनॉमिक टाइम्स को यह जानकारी दी है

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NewDelhi : इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार मोदी सरकार मार्च के अंत तक लगभग 10 करोड़ किसानों को 2,000-2000 रुपये का भुगतान करेगी.  कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र शेखावत ने इकनॉमिक टाइम्स को यह जानकारी दी है.  मंत्री ने कहा है कि कम जमीन वाले किसानों के लिए प्रधानमंत्री-किसान योजना के तहत भुगतान किया जा रहा है.  बाद में भी भुगतान करने में सरकार को कोई असुविधा नहीं होगी. मंत्री के अनुसार पहला भुगतान करने की प्रक्रिया में कुछ मुश्किल आ सकती है. इस क्रम में कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि दूसरी किस्त का भुगतान आसान होगा क्योंकि सभी लाभार्थियों के बैंक खाते उनके आधार से लिंक हो जायेंगे. बता दें कि अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अपने बजट भाषण में कहा था कि मौजूदा फाइनेंशियल इयर में इस योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये जायेंगे.

यह रकम लगभग 10 करोड़ किसानों को 2,000 रुपये की एक किस्त देने के लिए पर्याप्त है. अगले फाइनैंशल इयर के लिए 75,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.  इससे 12 करोड़ किसानों को ऐसी तीन किस्तें दी जा सकेंगी.
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86 फीसदी किसानों के पास 2 एकड़ से कम जमीन

इस योजना के संबंध में  विशेषज्ञों और पूर्व ब्यूरोक्रेट्स का मानना है कि इस स्कीम को लागू करने में परेशानी हो सकती है, विशेषतौर पर बिहार और यूपी जैसे बड़े राज्यों में परेशानी हो सकती है, जहां जमीन के रेकॉर्ड पूरी तरह डिजिटाइज नहीं हैं.  कहा गया है कि लोकसभा चुनाव नजदीक  होने के कारण इस योजना को तेजी से लागू करने की कोशिश की जायेगी.  आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के अनुसार कृषि मंत्रालय इस योजना को लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा;  गर्ग ने बजट के बाद अपने इंटरव्यू में कहा था कि मंत्रालय इसे जितना तेजी से संभव हो, लागू करेगा.  मूलभूत मापदंड तैयार है.  दो हेक्टेयर तक जमीन रखने वाले छोटे और मझोले किसानों की पहचान करने की जरूरत है.  बता दें कि 86 फीसदी किसानों के पास 2 एकड़ से कम जमीन है.किसानों के पास जमीन का आंकड़ा 2015-16 के एग्रीकल्चर सेंसस में है.  उसके बाद से यह सर्वे नहीं किया गया.  इससे पता चलता है कि 86.2 प्रतिशत किसानों के पास 2 एकड़ से कम जमीन है.  ऐसे सबसे ज्यादा 2.21 करोड़ किसान यूपी में हैं.  इसके बाद बिहार का नंबर आता है.

 सरकार ने राज्यों से पात्र किसानों की सूची मांगी

शेखावत ने बताया कि सरकार द्वारा राज्यों से पात्र किसानों की सूची मांगी गयी है.  हालांकि, केंद्र के पास पहले से काफी डेटा है.  बता दें कि इस योजना की घोषणा शुक्रवार को अंतरिम बजट में की गयी थी.  शेखावत ने कहा, हमारे पास अधिकतर किसानों का डेटाबेस है क्योंकि वे पहले से हमारी विभिन्न सब्सिडी स्कीमों का लाभ ले रहे हैं.  मुझे नहीं लगता कि कोई भी राज्य इस योजना में पीछे रहना चाहेगा. पूर्व कृषि सचिव सिराज हुसैन ने कहा कि प्रधानमंत्री-किसान एक अच्छी योजना है और यह कुछ वर्षों में यूनिवर्सल बेसिक इनकम (UBI) शुरू करने में मददगार हो सकती है.  उन्होंने कहा, सामान्य स्थिति में इस योजना को लैंड रेकॉर्ड का बेहतर डेटा रखने वाले राज्यों में भी लागू करने में कम से कम छह महीने लगते.  केंद्र इस योजना पर काफी जोर दे रहा है और इस वजह से संभव है कि प्रत्येक राज्य के कुछ जिलों में 31 मार्च से पहले किसानों को इसकी पहली किस्त ट्रांसफर कर दी जाये.

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