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#Bureaucrats के त्याग पत्र को लेकर कड़े नियम बनाने की दिशा में सोच रही है मोदी सरकार  

NewDelhi : नौकरशाहों के द्वारा इस्तीफे दिये जाने को लेकर केंद्र सरकार मंथन कर रही है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुछ IAS अधिकारियों द्वारा दिये गये त्यागपत्र को देखते हुए मोदी सरकार इस संबंध में कड़े कदम उठाने जा रही है. सूत्रों के अनुसार इस्तीफे को लेकर नियम अब और कड़े किये जा सकते हैं.

द प्रिंट ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) की इस मामले में अगले सप्ताह बैठक होगी. बैठक में अधिकारियों के इस्तीफे और उनकी समस्याओं को लेकर चर्चा की जायेगी.

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भारत में IAS, IPS और IFS की रिक्त संख्या काफी बड़ी है

जान लें कि वर्तमान नियम के अनुसार यदि कोई नौकरशाह त्यागपत्र देता है तो सरकार द्वारा उसकी विदेशों में ट्रेनिंग पर हुए खर्च को चुकाता पड़ता है. यदि नौकरशाह प्रोबेशन पीरियड के दौरान सर्विस छोड़ता है तो खर्च का वहन उससे अपेक्षित होता है. हालांकि भारत में IAS, IPS और IFS की रिक्त संख्या काफी बड़ी है.

खबरों के अनुसार सरकार नियम-कायदों को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने की सोच रही है. भारत सरकार नौकरशाहों की ट्रेनिंग पर काफी ज्यादा राशि खर्च करती है. यदि वे नौकरी से इस्तीफा देते हैं तो यह सरकार को बड़ा घाटा होता है.

बता दें कि पिछले तीन महीनों में चार आईएएस अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है. पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने जुलाई में वित्त मंत्रालय से ट्रांसफर किये जाने पर इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद अगस्त में अरुणाचल, गोवा, मिजोरम और केंद्रशासित प्रदेश कैडर के अधिकारी जी कन्नन ने जम्मू-कश्मीर के वर्तमान हालात को लेकर इस्तीफा दे दिया. इस क्रम में कर्नाटक कैडर के एक अधिकारी ने भी लोकतंत्र का हवाला देते हुए सर्विस से इस्तीफा दे दिया था.

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