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लोकपाल के लिए मोदी सरकार ने आठ सदस्यीय सर्च कमेटी नियुक्त की

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के निर्देशन में आठ सदस्यीय कमेटी लोकपाल के चेयरमैन सहित आठ सदस्य नियुक्त करेगी.

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NewDelhi : मोदी सरकार आखिरकार सरकारी भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए लोकपाल की नियुक्ति  करने जा रही है. बता दें कि सरकार ने लोकपाल के चयन के लिए एक आठ सदस्यीय सर्च कमेटी नियुक्त कर दी है. सुप्रीम कोर्ट की पूर्व महिला जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई के निर्देशन में आठ सदस्यीय कमेटी लोकपाल के चेयरमैन सहित आठ सदस्य नियुक्त करेगी. भारतीय स्टेट बैंक की पूर्व अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्य, प्रसार भारती के चेयरमैन ए सूर्य प्रकाश तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एएस किरण कुमार सर्च कमेटी के अन्य सदस्य हैं.

इस संबंध में कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गुजरात पुलिस के पूर्व महानिदेशक शब्बीर हुसैन एस. खंडवावाल,  इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सखाराम सिंह यादव,  राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी ललित के पंवार और पूर्व सालिसिटर जनरल रंजीत कुमार  सर्च पैनल में अन्य सदस्यों के रूप में शामिल किये गये हैं. कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार लोकपाल कानून में दिये गये निर्देशों के आलेाक में लोकपाल चयन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है .

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 सेना को छोड़कर पीएम से लेकर चपरासी तक के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की सुनवाई का अधिकार

सेना को छोड़कर प्रधानमंत्री से लेकर नीचे चपरासी तक किसी भी जन सेवक (किसी भी स्तर का सरकारी अधिकारी, मंत्री, पंचायत सदस्य आदि) के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की सुनवाई का अधिकार लोकपाल के पास होगा. वह इन सभी की संपत्ति कुर्क भी कर सकता है. बता दें कि विशेष परिस्थितियों में लोकपाल किसी आदमी के खिलाफ अदालती ट्रायल चला सकेगा. दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी अधिकार उसके पास होगा. समाजसेवी अन्ना हजारे ने लोकपाल की नियुक्ति के लिए दिल्ली में अनशन किया था. इसके बाद दिसंबर 2013 में केंद्र सरकार ने लोकपाल व लोकायुक्त बिल पारित किया था, लेकिन पांच साल बीतने के बावजूद लोकपाल की  नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है. सुप्रीम कोर्ट लगातार इस मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार पर दबाव डाल रहा है.

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