JharkhandRanchi

2014 में चायवाले का बेटा बन कर पीएम बने थे मोदी…23 मई को झोला लेकर हिमालय जायेंगे : भूपेश बघेल

Ranchi : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि लोकसभा चुनाव 2019 के तीन चरणों के बाद भाजपा की स्थिति खराब हुई है. बाकी बचे चार चरणों में यूपीए अपनी स्थिति मजबूत कर, नयी सरकार बनायेगा. रांची में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत के क्रम में श्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कई रूप हैं. 2014 में वे चायवाले का बेटा बन कर चुनाव लड़े थे.

उसके बाद माता गंगा का बेटा बने.. कभी दलित बन गये, कई रूप पांच सालों में उन्होंने बदला. अब 23 मई के बाद झोला लेकर हिमालय जायेंगे. उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा और राजग विरोधी लहर चल रही है. भाजपा की गंठबंधनवाली राजग की सरकार ने पांच वर्षों में कुछ नहीं किया. किसानों की कर्जमाफी, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार को काफी बढ़ाया.

उन्होंने कहा कि वाराणसी में अपना नामांकन भरने के बाद प्रधानमंत्री ने अब अपने सहयोगी दलों के चरणों को पकड़ना शुरू कर दिया है, क्योंकि उन्हें यह डर सता रहा है कि 2014 के नतीजे 2019 में नहीं दुहराये जायेंगे.

advt

2019 में 3D यानि धोखा, धमकी और ड्रामेबाजी वाली सरकार से मिलेगी मुक्ति: जयराम रमेश

राष्ट्रवाद और मैं हूं चौकीदार का नारा कोई चुनावी मुद्दा नहीं

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के प्रदर्शन के सवाल पर उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा को 15 सीटें मिली थीं. भाजपा दो तिहाई सीटें हार गयी थीं. तीन चरणों के मतदान के बाद कांग्रेस सभी सीटों पर विजयी होगी. उन्होंने कहा कि झारखंड में भी राज्य की रघुवर दास सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों का लोग विरोध कर रहे हैं. मतदाता इस बार मुद्दों पर विचार कर मतदान कर रहे हैं, जो बड़ा बदलाव है. उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रवाद और मैं हूं चौकीदार का नारा कोई चुनावी मुद्दा नहीं है.

2014 में भाजपा ने सबका साथ सबका विकास और अच्छे दिन आयेंगे का नारा लगवाती थी. इस बार फिर एक बार मोदी सरकार और भारतीय सेना के नाम पर वोट मांग रही है. इसकी वजह पांच वर्षों तक कुछ नहीं करना था.

इसे भी पढ़ेंः प्रचार वार में जेएमएम पिछड़ा,  लोकसभा चुनाव नतीजा ही तय करेगा हेमंत का राजनीतिक भविष्य

adv

छत्तीसगढ़ में हमने घोषणा पत्र के वायदों को पूरा किया

श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने चुनाव घोषणा पत्र के कई वायदों को पूरा किया. आदिवासियों की 24 सौ एकड़ जमीन कारपोरेट घरानों से वापस की गयी. धान खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 25 सौ रुपये तय किया गया. 10 हजार रुपये की कर्जमाफी 20 लाख किसानों को दी गयी. इसके अलावा केंदू पत्ता की खरीदारी पर प्रति बोरा 4000 रुपये दिये जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि आदिवासियों को 35 किलो अनाज भी हमारी सरकार उपलब्ध करा रही है. भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत जमीन का मुआवजा चार गुना अधिक दिया जा रहा है, जो किसी भी सरकार से अलग है.

ये थे मौजूद

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने रांची से पार्टी प्रत्याशी सुबोध कांत सहाय के समर्थन में तीन चुनावी सभाएं कीं. उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार, कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, पार्टी प्रत्याशी सुबोध कांत सहाय, प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव, शशि भूषण राय, अमिताभ, राकेश सिन्हा समेत अन्य मौजूद थे.

इसे भी पढ़ेंः पेयजल समस्या को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी, कॉल कर दर्ज करा सकते हैं शिकायत

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button