GiridihJharkhand

कोरोना से निपटने के लिए किया गया मॉकड्रिल, लगाया गया कर्फ्यू, डमी मरीज को लाया गया आइसोलेशन सेंटर

Giridih : महामारी कोरोना का कोई पॉजिटिव मरीज अब तक गिरिडीह में नहीं मिला है. जांच के लिए भेजे गए सारे ब्लड सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव ही आयी है.

Jharkhand Rai

लेकिन इस महामारी को लेकर प्रशासन कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है. कोरोना से निपटने के लिए डीसी के निर्देश पर गठित क्विक रिस्पांस टीम का मॉकड्रिल मंगलवार को सदर प्रखंड के पलमो गांव में किया गया.

इस दौरान टीम को मॉकड्रिल के माध्यम से हर एक जानकारी दी गयी. टीम के गठन के बाद कोरोना की आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन के इस मॉकड्रिल को मील के पत्थर के रूप में देखा गया.

इसे भी पढ़ेंः कोरोना को हराने के लिए पलामू की बेटी निभा रही दायित्व, BHU में हैं सेवारत

Samford

पलमो गांव में किया गया मॉकड्रिल

इधर, डीसी के निर्देश पर सदर प्रखंड के पलमो गांव को चुना गया था. वह जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर गिरिडीह-डुमरी रोड के बंदरकुप्पी मेन रोड से भीतर था. इस दौरान एक टीम को पहले ही भेज दिया गया था.

इसके बाद शहर के सर्किट हाउस में डीसी समेत अन्य अधिकारियों का काफिला निकला. मॉकड्रिल डीसी राहुल सिन्हा और एसपी सुरेन्द्र झा के नेत्तृव में किया गया. लिहाजा, मॉकड्रिल में जब जिस प्रकार की कमी रही, उसे दोनों अधिकारियों के निर्देश पर दूर भी किया गया.

अधिकारियों समेत स्वास्थ विभाग के पदाधिकारी व एंबुलेंस जब पलमो गांव के भीतर घुसे, तो ग्रामीणों द्वारा पहले ही गांव के इंट्री प्वांईट पर बैरिकैट कर दिया गया था. बैरिकेड ही बता रहे थे कि गांव में बाहरी लोगों की अनुमति पर सख्त पाबंदी थी.

इसे भी पढ़ेंः पलामू: रामनवमी के बाद शब-ए-बरात पर कोरोना वायरस का असर, घऱों में रहकर ही होगी इबादत

इस तरह किया गया मॉकड्रिल

गांव के मैदान में सभी अधिकारी एक स्थान पर एकत्रित हुए. जहां सदर एसडीएम राजेश प्रजापति एएसपी दीपक कुमार, सिविल सर्जन डा. अवद्येश सिन्हा, डीएसपी विनोद रवानी, संतोष मिश्रा, जनसंपर्क पदाधिकारी रश्मि सिन्हा के अलावे पांच पंचायतों के मुखिया, रोजगार सेवक, जनसेवक, पुलिस जवान, पीपीई कीट पहने मेडिकल स्टाप की टीम मौजूद थे.

वैसे मॉकड्रिल के क्रम में गांव में कर्फ्यू लगाकर प्रशासन की और से घोषणा कराया गया. और धारा 144 लगाते हुए किस प्रकार गांव की गतिविधी हो. इसकी पूरी जानकारी अधिकारियों द्वारा दिया गया. इस दौरान पूरी टीम को खुद डीसी राहुल सिन्हा और एसपी झा ने मॉकड्रिल की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कोरोना से संक्रमित मरीज के मिलने के बाद कई एहतियातन कदम उठाएं जाने है.

जिसमें किसी गांव से मरीज के मिलने के बाद उस गांव के हर घर के साथ सार्वजनिक स्थानों को सैनेटाईज किया जाना. गांव में किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर पांबदी और ग्रामीणों के गांव से बाहर निकलने पर पांबदी रहने की बात कही गयी.

पांच अलग-अलग टीम का गठन किया गया

इधर क्विक रिस्पांस टीम में शामिल हर स्तर के पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधियों को लेकर पांच अलग-अलग टीम का गठन किया गया. जो गांव के हर घर पहुंच कर ग्रामीणों से फीडबैक ले रहे थे. डीसी व एसपी के निर्देश पर गांव के पांच ग्रामीणों को कोरोना का डमी मरीज बनाया गया था.

जिनके घर टीम के सदस्यों में चिकित्सक, मेडिकल स्टॉफ पहुंच कर पूरी जानकारी लेने के बाद वैसे डमी मरीजों को आईसोलेशन के लिए एएनएम हॉस्ट भेजने की प्रकिया भी पूरा किया गया.

जबकि डमी मरीज के परिजनों को भी क्वांरेटाइन के लिए एबूंलेंस द्वारा क्वांरेटाइन सेंटर शिफ्ट कराया गया. इसके बाद अधिकारियों के मौजदूगी में ही अग्नि शमन वाहन से गांव को सेनेटाइज करने की प्रकिया भी शुरू की गयी.

इसे भी पढ़ेंः #Palamu : सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करना पड़ा भारी, दो युवकों को पुलिस ने भेजा जेल

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: