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मॉब लिंचिंग मामलाः अलीमुद्दीन हत्याकांड के सजायाफ्ता को फिलहाल राहत नहीं, अब 23 को होगी सुनवाई

Ranchi : मॉब लिंचिंग मामले में अलीमुद्दीन की हत्या के सजायाफ्ता के मामले में अब सुनवाई 23 अगस्त को होगी. दीपक मिश्रा व अन्य की ओर से निचली अदालत द्वारा दी गयी सजा के खिलाफ दाखिल याचिका की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में हुई. हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षतावाली खंडपीठ ने मामले में मृत सिकंदर राम के बारे में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है. सिकंदर राम को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी, बाद में उसकी मौत हो गयी थी. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 अगस्त निर्धारित की है. बता दें कि रामगढ़ कोर्ट ने 21 मार्च 2018 को 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनायी थी. हजारीबाग के मीट कारोबारी अलीमुद्दीन अंसारी की बीफ ले जाने के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी थी. इस मामले में मृतक की पत्नी ने 12 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी. 16 मार्च  2018 को 12 में से 11 आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि एक आरोपी को नाबालिग होने के कारण उसका मामला जुवेनाइल बोर्ड में भेज दिया गया था.

जिन्हें अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा दी गयी थी उनमें छोटू वर्मा, दीपक मिश्रा और संतोष सिंह के अलावा भाजपा नेता नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, उत्तम राम, विक्रम प्रसाद, राजू कुमार, रोहित ठाकुर, और कपिल ठाकुर शामिल थे.

यह भी बता दें कि रामगढ़ जिले के मनुआ फुलसराय के रहने वाले अलीमुद्दीन की हत्या 29 जून 2017 को कर दी गयी थी. मारुति वैन से बीफ ले जाने के आरोप में भीड़ ने बाजार टांड़ स्थित गैस एजेंसी के पास अलीमुद्दीन की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी.

Sanjeevani

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