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राहुल की क्लास में विधायकों-सांसदों ने रखी अपनी बात

गठबंधन धर्म निभाते हुए अपने एजेंडे पर काम करें : राहुल गांधी

New Delhi: वर्ष 2019 का विधानसभा चुनाव जीतने के बाद पहली बार झारखंड के कांग्रेस विधायकों और सांसदों ने एकसाथ पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के समक्ष अपनी बात रखी. मंगलवार को झारखंड कांग्रेस के सभी विधायक, संसद, कार्यकारी अध्यक्ष, समन्वय समिति के सदस्य, पूर्व विधायकों ने प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय, सह प्रभारी उमंग सिंगर और प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में डेढ़ घंटे तक राहुल गाँधी के साथ झारखंड के मुद्दे पर खुलकर चर्चा की. इस दौरान विधायकों ने कई बातों की और राहुल का ध्यान आकृष्ट कराया. सबों की बात सुनने के बाद राहुल गाँधी ने कहा कि झारखंड में गठबंधन की सरकार है. ऐसे में बहुत विषयों पर सोच-समझकर निर्णय लेना होता है. कहा कि हम सरकार में जरुर हैं लेकिन अपने एजेंडे की तिलांजलि नहीं दे सकते.

जिन विषयों को लेकर हमें जनता ने सेवा का मौका दिया है उसपर हमें हर हाल में काम करना है. राहुल ने साफ़ शब्दों में विधायकों एवं पार्टी पदाधिकारियों को कहा कि गठबंधन धर्म जरुर निभाएं लेकिन पार्टी के एजेंडे के साथ कोई समझौता नहीं करें.

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समन्वय समिति का गठन जल्द होना चाहिए

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राहुल गाँधी ने कहा कि गठबंधन की सरकार में समन्वय समिति जरुरी है. उन्होंने प्रदेश प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता को इसपर पहल कर जल्द समन्वय समिति का गठन कराने को कहा. साथ ही राहुल ने कहा कि गठबंधन में शामिल सभी दलों के मेनिफेस्टो के आधार पर एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार किया जाय. इसपर भी जल्द निर्णय होना चाहिए.

तैयार किये गए न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर जनहित में सरकार से काम कराएं. जनता को विकास चाहिए. कुछ विधायकों ने भाषा विवाद सहित अन्य मुद्दों को भी उठाया. इसपर राहुल ने कहा कि यह राज्यस्तरीय मामला है इसपर मिल बैठकर निर्णय लेने की जरुरत है.

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अपने कामों से बड़ा बनना है

राहुल गांधी ने कहा कि हमें अपने कामों से बड़ा बनना है. सरकार द्वारा की जा रही कामों को जनता तक ले जाने की जिम्मेवारी भी हमारी है. पार्टी के सभी कार्यकर्ता इसको लेकर सजग रहें. जनता को काम चाहिए. उन्होंने सभी को अनर्गल बयानबाजी से बचने की सलाह भी दी.

कार्यकर्ताओं को मिले पूरा सम्मान

बैठक के दौरान राहुल गाँधी का पूरा फोकस संगठन और संगठन से जुड़े हुए लोगों पर था. साफ़ कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान मिलना चाहिए.

सरकार में शामिल मंत्री हों या विधायक सांसद सभी कार्यकर्ताओं के सम्मान में कोई कोताही नहीं करें. कहा कि सरकार आती जाती रहेगी लेकिन कार्यकर्ता ही हमारी रीढ़ हैं. इनके साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए.

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संगठन के माध्यम से खीचें बड़ी लकीर

राहुल गाँधी ने कहा कि संगठन सर्वोपरि है. संगठन बड़ा होगा तभी हम भी बड़े होंगे. उन्होंने सदस्यता अभियान के लक्ष्य को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया. कहा कि जनता के बीच संगठन के माध्यम से बड़ी लकीर खींचें. यह तभी संभव होगा जब हमारे कार्यकर्ता उत्साहित होंगे.

समन्वय समिति में शामिल सभी लोग, सांसद, विधायक और मंत्रियों पर यह जिम्मेवारी है कि कैसे पार्टी में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जाय. उन्होंने संगठन विस्तार में नयी तकनीक का भी सहारा लेने की बात कही.

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बैठक में शामिल हुए

राहुल गाँधी के साथ बैठक में प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय, सह प्रभारी उमंग सिंगर, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, मंत्री आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव, बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता, विधायक प्रदीप यादव, बंधू तिर्की, राजेश कश्यप, इरफ़ान अंसारी, अम्बा प्रसाद, पूर्णिमा नीरज सिंह, अनूप सिंह, ममता देवी, रामचंद्र सिंह, उमाशंकर अकेला, नमन विक्सल कोंगरी, सांसद गीता कोड़ा, धीरज साहू, पूर्व विधायक सुखदेव भगत, प्रदीप कुमार बालमुचू, केएन त्रिपाठी, समन्वय समिति के सदस्य डॉ अजय कुमार, जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर समेत अन्य उपस्थित थे.

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