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MLA विनोद सिंह ने उठाया सवाल, क्या बिहार-झारखंड ही सबसे गया-गुजरा राज्य, 54 सांसद एक भी मजदूर नहीं ला सकते..?

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Ranchi: झारखंड के बगोदर से माले विधायक ने झारखंड और बिहार सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने सुबह एक दैनिक अखबार में छपी खबर के साथ ट्वीट किया है कि आंध्रप्रदेश के एक सांसद ने बनारस में फंसे 1000 लोगों को घर भिजवा दिया.

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बिहार-झारखंड के 54 सांसद मिलकर एक भी आदमी को वापस नहीं ला पाए. एक ही देश में दो तरह के कानून क्यों हैं? देश में बिहार-झारखंड ही सबसे गया-गुजरा प्रदेश है क्या? हमारे लोग भी इसी तरीके से वापस लाए जाए. दरअसल यूपी के बनारस में आंध्रप्रदेश के फंसे करीब 1000 तीर्थ यात्रियों को आंध्रप्रदेश की सरकार की मदद से 25 बसों से वापस आंध्रप्रदेश लाया जा रहा है.

यह खबर प्रमुखता से यूपी के अखबारों में छपी है. जिसके बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ आंध्रप्रदेश ही ऐसा कर सकता है. देश का दूसरा राज्य भला ऐसा क्यों नहीं कर सकता है. इससे पहले भी विनोद सिंह झारखंड से बाहर फंसे मजदूरों के लिए आवाज उठाते रहे हैं.

उन्होंने राज्य सरकार से बाहर फंसे मजदूरों तक राहत सामग्री पहंचाने की बात रखी थी. यह भी कहा था कि अगर सरकार ऐसा नहीं करती है, तो उन्हें मजदूरों की खातिर धरना पर बैठना पड़ेगा.

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राबड़ी देवी ने भी उठाया सवाल

ऐसा नहीं है कि झारखंड के विधायक विनोद सिंह ने ही यह सवाल किया है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी इसी मामले को लेकर ट्वीट किया है. अखबार के उस खबर के साथ उन्होंने लिखा है कि एक बीजेपी सांसद की पहल पर हजारों लोगों को 25 बसों में ठसाठस भर कर वाराणसी से महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश भेजा गया.

क्या बिहार एनडीए के 50 सांसद इतने नकारा, निकम्मे और निर्लज हैं जो भूखे भूखे गरीब बिहार वासियों को अपने प्रदेश नहीं बुला सकते? जब वो ऐसा कर सकते हैं तो ये क्यों नहीं.

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