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मी टू… : लौटे एमजे अकबर, पहले स्पष्टीकरण, फिर अकबर की किस्मत का फैसला करेगी मोदी सरकार

केंद्र की मेादी सरकार और भाजपा मी टू अभियान में फंसे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर जल्द ही कोई निर्णय करने की जुगत में है.

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NewDelhi : केन्द्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर अपने विदेश दौरे से भारत लौट आये हैं. हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही पत्रकारों ने एमजे अकबर पर महिला पत्रकारों द्वारा यौन शोषण के लगाये गये आरोपों पर सवालों की बौछार कर दी. लेकिन अकबर मीडिया के सवालों से बचते नजर आये और कहा कि वह बाद में बयान देंगे.  बता दें कि केंद्र की मेादी सरकार और भाजपा मी टू अभियान में फंसे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर जल्द ही कोई निर्णय करने की जुगत में है. दोनों इस मामले से छुटकारा पाना चाहते हैं. खबरों के अनुसार एमजे अकबर के इस्तीफे के लिए बढ़ रहे दबाव के आलोक में  मोदी सरकार फैसला ले सकती है. सूत्रों का कहना है कि  इस पूरे मामले में भाजपा पहले एमजे अकबर से उनका पक्ष सुनना चाहती है.  अपने विदेशी दौरे से लौट गये अकबर से पहले स्पष्टीकरण की मांग की जायेगी. जवाब मिलने के बाद  फैसला होगा कि अकबर मामले में पार्टी और सरकार आगे क्या कदम उठाये.

बता दें कि विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर ने अभी तक चुप्पी साध रखी है. खुदपर लग रहे आरोपों का कोई जवाब नहीं दिया है.  भाजपा भी इस मामले में कुछ बेाल नहीं रही है. हालांकि पार्टी सूत्रों का मानना है कि आरोप गंभीर हैं.  लगता नहीं कि मंत्री पद एमजे अकबर लंबे समय तक रह पायेंगे.  कहा कि इस अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री मोदी को लेना है.

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कुछ महिला मंत्रियों ने मी टू अभियान को समर्थन दिया है

खबरों के अनुसार पार्टी में राय है कि अकबर के खिलाफ  कानूनी मामला नहीं है. जो आरोप लगे हैं, वे मंत्री बनने से बहुत पहले के है. सोशल मीडिया पर मी टू अभियान जोर पकड़ने के बाद कुछ महिलाओं ने उनपर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं.  लेकिन कुछ महिला मंत्रियों ने मी टू अभियान को अपना समर्थन दिया है. बता दें कि पार्टी के नेताओं का कहना है कि सबसे पहले अकबर को ही आरोपों पर जवाब देना है. गौरतलब है कि भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने कई महिला पत्रकारों द्वारा यौन शोषण के आरोप लगाने के बाद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर को पद से हटाने की मांग की थी. शिवसेना ने अकबर पर लगे आरोपों की गहराई से जांच की मांग भी की. शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा कि पांच-छह महिला पेशेवरों ने एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप खुलकर लगाये हैं. इसलिए मैं उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग करती हूं.

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