NEWSWING
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

मिशनरीज ऑफ चैरिटी मामले में आया ‘नव्या’ मोड़, कौन कर रहा साजिश? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

पालने वाली और जन्म देने वाली मां बैठी धरने पर, कहा- बेचा नहीं, आपसी सहमति से दिया

585

Ranchi: राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में नवजात शिशुओं को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है. सोशल मीडिया पर लोग परित्यक्त शिशुओं पर लगातार अपनी राय रख रहे हैं. लोग इसे मिशनरी ऑफ चैरिटी से जोड़कर देख रहे हैं. सामाजिक संगठनों का कहना है कि नवजात को बचाने के लिए सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए.

कोकर से एक और बच्ची मिली, निर्मल हृदय केंद्र ने बेचा था-पुलिस

मिशनरीज ऑफ चैरिटी के निर्मल हृदय केंद्र से बेची गई एक और बच्ची को रांची के कोकर से बरामद किया गया है. वह डॉन बास्को स्कूल के पास शैलेजा तिर्की के पास थी. बच्ची लातेहार के महुआडांड़ निवासी युवती की है. उसका जन्म एक साल पहले सदर अस्पताल में हुआ था.
कोतवाली इंस्पेक्टर एसएन मंडल ने बताया कि

निर्मल हृदय केंद्र की सिस्टर कोंसीलिया और कर्मचारी अनिमा इंदवार ने ही इस बच्ची को 50 हजार में शैलेजा तिर्की को बेचा था. देर शाम कोतवाली थाने की पुलिस ने बच्चे को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया. बाद में बच्ची को करुणा अनाथालय में भेज दिया गया.

नव्या को लेकर विवाद, मां के रहते अनाथ कैसे ?

पुलिस की माने तो एक बच्ची ‘नव्या’ को कोकर की शैलेजा तिर्की को बेचा गया था. अब शैलेजा तिर्की और ‘नव्या’ की असली मां (बॉयोलॉजिकल मदर) दोनों धरने पर बैठी हैं और नव्या अनाथालय में है. शैलेजा अपने कलेजे के टुकड़े को पाने के लिए गुहार लगा रही है. शैलेजा का कहना है कि नव्या मेरे बिना नहीं रह सकती. उनका कहना है कि मां के रहते नव्या अनाथ कैसे हो सकती है ? वो अनाथालय में क्यों है ? जन्म देनेवाली मां ने सौदा किया, तो इसमें मासूम की क्या गलती है़.
बच्ची को जन्म देनेवाली मां और पालनेवाली मां शैलेजा तिर्की करुणा आश्रम पहुंची और बच्ची को उन्हें सौंपने के लिए धरना देने लगीं. उन्हें कहा गया कि गुरुवार को सीडब्ल्यूसी में अपनी बात रखें. करुणा अनाथालय में बच्ची की नानी और मौसी भी पहुंची थी. नानी ने कहा कि बच्ची को 50 हजार रुपये में बेचे जाने की बात गलत है.

नेव्या तेरेसा की मां का शपथ पत्र, जिसे लेकर वो कोतवाली थाना पहुंची
नेव्या तेरेसा की मां का शपथ पत्र, जिसे लेकर वो कोतवाली थाना पहुंची

इसे भी पढ़ें-राज्य प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों का आईएएस में प्रमोशन

‘नव्या तेरेसा प्रकरण का सच’

madhuranjan_add

नव्या की दोनों मां का आरोप है कि एक साल की नव्या तेरेसा के बारे कोतवाली पुलिस का बयान सरासर झूठा, काल्पनिक और पूर्वाग्रह व राजनीति से प्रेरित है. पुलिस कहती है कि ‘बच्चा बरामद हुआ’ जबकि नव्या तेरेसा को जन्म देने वाली मां, पालक दम्पति और सभी परिजन स्वयं ‘शपथ-पत्र’ के साथ नव्या को लेकर कोतवाली गए और सही वस्तुस्थिति से उन्हे अवगत कराया.

बतौर पुलिस, नव्या को चारिटी सिस्टरों द्वारा 50 हजार रुपये में बेचा गया. यह बेबुनियाद और बेतुका बयान है. जब नव्या को ‘शेल्टर होम’ भेजने का एकतरफा आदेश हुआ, तो नव्या की बायोलोजिकल मां और पालक मां दोनों का रो-रोकर बुरा हाल था. यदि बच्ची की असली मां अपनी बच्ची को बेची होती, तो वह क्यों बच्ची की खातिर रोती-बिलखती? यहां तक कि वह रोते हुए बेहोश-सी हो गयी थी. ‘शेल्टर होम’ से उसको बहुत मुश्किल से 11 बजे रात को घर लाया जा सका.

इसे भी पढ़ें-ममता बनर्जी ने कहा, ईसाई होने की वजह से मिशनरीज ऑफ चैरिटी की सिस्टर्स को परेशान कर रही बीजेपी सरकार

मिशनरीज ऑफ चैरिटी में जन्में 36 बच्चे, 32 का कहीं अता-पता नहीं

जिला प्रशासन की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि 2016 में मिशनरीज ऑफ चैरिटी में मार्च से दिसंबर के बीच 36 बच्चों का जन्म हुआ था. इनमें सिर्फ चार बच्चों को ही सीडब्ल्यूसी को दिखाया गया. बाकि 32 बच्चे कहां हैं, इसका जवाब किसी के पास नहीं है.

बच्चों के परिजनों ने किये चौंकाने वाले खुलासे

मिशनरीज ऑफ चैरिटी के दस्तावेज बताते हैं कि दो बच्चों की मौत हो चुकी है. जिला प्रशासन ने इन दोनों बच्चों के परिजनों से बात की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए. परिजनों का कहना था कि उन्हें बताया गया था कि बच्चा जन्म लेते ही मर चुका है. लेकिन, उन्हें बच्चे नहीं दिखाये गये. प्रशासन अब दोनों बच्चों की मौत की भी जांच करेगा. यह पता लगायेगा कि दोनों की मौत हुई थी, या इन्हें बेच दिया गया था.
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Averon

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: