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मिशन अमृत सरोवर: सरोवरों के उपयोग, रखरखाव और दस्तावेजीकरण के लिए अनुपूरक एडवाइजरी जारी

Ranchi: ग्रामीण विकास के सचिव डॉ मनीष रंजन ने झारखंड में शुरू की गयी मिशन अमृत सरोवर के बारे में जानकारी सभी डीसी व डीडीसी को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये दी. उन्होंने कहा कि अमृतमय वर्षा जल को सहेजने के उदेश्य से शुरू की गयी इस योजना से राज्य के प्रत्येक जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवरों तालबों के निर्माण व जीर्णोद्धार की कार्यवाही प्रारंभा की गयी है. इसके तहत सभी सरोवरों को जनभागीदारी से धरोहर के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए प्रत्येक सरोवर के लिए उपभोक्ता समूह (यूजर ग्रुप) का गठन किया जाएगा, जिस पर सरोवर के जल के उपयोग और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी होगी. वीडियो कांफ्रेंसिंग में, जेएसएलपीएस सीईओ सूरज कुमार, संयुक्त सचिव अरुण कुमार सिंह ग्रामीण विकास विभाग, व अन्य शामिल थे.

गाइडलाइन किया गया है जारी, जनभागीदारी जरूरी: मनरेगा आयुक्त

मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने बताया कि मिशन अमृत सरोवर में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने और सम्पूर्ण प्रक्रिया के दस्तावेजीकरण के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. उन्होंने बताया कि इन दिशा-निदेर्शों के अनुसार प्रत्येक अमृत सरोवर के लिए एक ‘जल उपभोक्ता समूह’ का गठन किया जाएगा. यह समूह सरोवर के निर्माण की अवधारणा से लेकर उसके पूरा होने और बाद में उसके उपयोग तक परियोजना से जुड़ा रहेगा. इस उपभोकक्ता समूह पर वृक्षारोपण सहित अमृत सरोवर के उपयोग और रखरखाव की जिम्मेदारी होगी. मनरेगा आयुक्त ने बताया कि अमृत सरोवर की आधारशिला रखने, कार्यस्थल पर नीम, पीपल, बरगद जैसी प्रजाति के वृक्षों का पौधरोपण करने एवं प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का नेतृत्व संबंधित गांव के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या उनके परिवार के सदस्य, शहीद के परिवार या पद्म पुरस्कार से सम्मानित स्थानीय व्यक्ति के द्वारा कराया जाएगा.

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या शहीदों के ग्राम को प्राथमिकता

डॉ मनीष रंजन ने बताया कि अमृत सरोवर के निर्माण के लिए सभी जिलों के कलेक्टर को जारी दिशा-निदेर्शों में यह रेखांकित किया गया है कि मिशन अमृत सरोवर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों की महत्वपूर्ण भूमिका है. कम से कम एक एकड़ क्षेत्रफल में बनाए जाने वाले अमृत सरोवर के लिए चिन्हांकित किए जा रहे गांवों में उन गांवों को प्राथमिकता देनी है जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या शहीदों से संबंधित हों. मिशन में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए स्वाधीनता सेनानियों या उनके पारिवारिक सदस्यों या आजादी के बाद शहीद हुए सैनिकों के परिजनों या पद्म पुरस्कार से सम्मानितों द्वारा अमृत सरोवर के कार्य का शुभारंभ कराया जाएगा.

 

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