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माइनर इरिगेशन के कर्मियों का वेतन तीन माह से बंद

प्रभार वाले जिले में नई वित्तीय नीति के तहत बंद हो सकती वेतन निकासी

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Manoj Dutt Dev

Latehar: नई वित्तीय नीति के कारण लातेहार के माइनर इरिगेशन विभाग के कर्मियों के वेतन निकासी पर रोक लगा दी गयी है. जिससे इन्हें खासी परेशान का सामना करना पड़ रहा है. तीन माह से वेतन बंद होने के कारण कर्मियों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है. लातेहार कोषागार पदाधिकारी सह जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक संजय भगत ने नई वित्तीय नीति के कारण वेतन पर रोक लगा रखी है.

प्रभार वाले जिले में नई नीति के तहत बंद हो सकती वेतन निकासी

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कोषागार पदाधिकारी संजय भगत ने बताया कि विभाग से कार्यपालक अभियंता का वेतन विपत्र मिला है. लेकिन वेतन विपत्र तभी पास होगा, जब विभाग कार्यपालक अभियंता को मुख्य अभियंता के माध्यम से वित्तीय पावर के लिए 87 कोर्ड झारखंड ट्रेजरी देगी. दरअसल, कार्यपालक अभियंता की पोस्टिंग सरकार ने नहीं बल्कि मुख्य अभियंता झारखंड ने की है. यदि सरकार पोस्टिंग करती तो कार्यपालक अभियंता को पूरा पावर देती, लेकिन विभाग द्वारा पोस्टिंग होने के कारण कार्यपालक अभियंता को अलग से 87 कोर्ड के तहत वित्तीय पावर लेना पड़ता है.

वही बताया कि पूर्व में जो भी भुगतान प्रभारी कार्यपालक अभियंता के द्वारा किया गया है, वो गलत तरीके से नियम को ताक पर रखकर किया गया. यदि कोई जिला इस प्रकार से भुगतान कर रहा है तो वो गलत है. और उसपर अविलंब रोक लगनी चाहिए.

कई जिले में इसी प्रकार हो रहा भुगतान- विभागीय कर्मी

इधर विभाग के कर्मी कोषागार पदाधिकारी पर कई आरोप लगा रहे हैं. माइनर इरिगेशन के कर्मियों कि मानें तो कार्यपालक अभियंता का पद क्लास ओन पदाधिकारी का होता है. वित्तीय कोर्ड 147 के तहत हस्ताक्षर वैध होता है. लेकिन कोषागार मानने को तैयार नहीं है. कर्मियों ने कोषागार के प्रधान लिपिक चन्द्र शेखर मांझी पर आरोप लगाया है कि वे मनमानी करते हैं और उनका रवैया माइनर इरिगेशन के प्रति द्वेषपूर्ण है.

साथ ही बताया कि नवंबर माह 2018 में प्रभारी कार्यपालक अभियंता अजय नाथ ठाकुर के हस्ताक्षर से डीए, अरियल एवं वेतन विपत्र कोषागार को दिया गया था. डीए-एरियल पास हो गया लेकिन वेतन विपत्र पर रोक लगा दी गई. यदि नियम संगत की बात है तो सवाल ये उठता है कि डीए एरियल केसे पास हुआ.

चार वर्षों से प्रभार में चल रहा लातेहार माइनर इरिगेशन

चार सालों से लातेहार माइनर इरिगेशन प्रभार में चल रहा है. चार वर्ष पूर्व लोहरदगा के कार्यपालक अभियंता राम प्रताप प्रसाद सिंह को लातेहार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था. तीन साल बाद वो रिटायर्ड हो गए. जिसके बाद नवंबर 2018 में रांची अभियंता अजय नाथ ठाकुर को मुख्य अभियंता झारखंड के निर्देश पर लातेहार का प्रभार दिया गया.

लेकिन इसके एक महीने बाद दिसम्बर 2018 में इन्हें लातेहार के प्रभार से मुक्त कर पलामू जिला के कार्यपालक अभियंता संजय मिंज को लातेहार का प्रभार दिया गया. हालांकि, इनसभी को मुख्य अभियंता ने 87 कोर्ड के तहत वित्तीय पावर अलग से नहीं दिया. जिसका खामियाजा आज विभाग के कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है.

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