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#facebook पर Fake ID से नाबालिग को फंसाया, धर्म बदलवाकर किया निकाह, ढाई साल से बना रखा था बंधक

Ranchi : रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक लड़की को बोकारो के रहने वाले मुसद्दर खान ने अपने फर्जी नाम से बने फेसबुक आइडी के जरिये दोस्ती के जाल में फंसाया और उसका धर्म बदलवाकर निकाह कर लिया.

खान ने ढाई साल से बोकारो में लड़की को बंधक बनाकर रखा था. वहां उसे एक बच्चा भी हुआ. दो दिन पूर्व लड़की हिम्मत कर भाग निकली और दो-तीन घंटे पैदल चलकर पुलिस को घटना की जानकारी दी तो पूरा मामला सामने आया.

इधर उसके पिता ढाई साल साल से परेशान हो चुके थे. लड़की के चाचा ने पहले एक एनजीओ और बाल अधिकार सदस्य को जानकारी दी. फिर उन्होंने सीआइडी के बड़े अधिकारी को बताया.

अधिकारी ने त्वरित करवाई के लिये पुलिस को बोकारो भेजा और आरोपी मुदस्सर को गिरफ्तार कर लाया. उसे रविवार को जेल भेज दिया गया.

Sanjeevani

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फेसबुक पर हुई थी साहिल से दोस्ती, निकला मुदस्सर

पीड़ित लड़की के अनुसार, युवक से फेसबुक के माध्यम से दोस्ती हुई थी. उसमें उसका नाम साहिल मिर्जा था. लड़के ने लड़की को धोखे से बोकारो बुलाया. जब लड़की पहुंची तो बोकारो स्टेशन में दो महिलायें मिलीं जिन्होंने खुद को साहिल मिर्जा की बहन बताया.

साहिल से मिलवाने का आश्वासन दे दोनों महिलायें उसे ले जाने लगीं. इसी दौरान उससे मोबाइल ले लिया और उसे बंद कर दिया. वे लड़की को लेकर मुदस्सर के घर पहुंचीं.

लड़की ने मुदस्सर के घर पहुंची तो उसने कहा कि साहिल का जो फोटो उसने फेसबुक पर देखा वह नहीं था. युवक ने अपनी असलियत बता दी. उसके बाद लड़की का शोषण-उत्पीड़न शुरू हो गया.

‘मैं रोती गिड़गिड़ाती रही, उसके परिवार वाले मारपीट करने लगे’

लड़की ने बताया, मैं खूब रोई-गिड़गिड़ाई लेकिन लड़का का पूरा परिवार मुझसे ही मारपीट करने लगा. तीन-चार दिन बाद कोई लड़का घर आया तो बताया कि मुदस्सर ने एक मुस्लिम लड़की से शादी कर लिया.

एक सप्ताह बाद कोई मौलवी आकर जबरदस्ती धर्मपरिवर्तन कराके निकाह करा दिया. नाम भी बदल दिया. एक साल तक घर से झांकने तक नहीं देता था न किसी से मिलने. गर्भवती होने पर भी शारीरिक, मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा.

उसी बीच कई बार भागने की कोशिश की लेकिन पकड़े जाने पर हाथ-पैर, कई जगहों पर दाग दिया जाता था.

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जान पर खेलकर नरक से निकली

लड़की ने बताया कि उसके दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था. एक सप्ताह पहले उसने जान पर खेलकर भागने का फैसला लिया और दो दिन पहले भाग गयी.

करीब दो घंटे पैदल चलने पर बोकारो बस स्टैंड पहुंची. वहां एक बस ड्राइवर ने रांची छोड़ने का आश्वासन दिया. एक महिला ने 50 रुपये दिये. रांची आकर वह घर पहुंची.

लड़की के शरीर में कई जगहों पर मारपीट के निशान

पीड़ित लड़की ने बताया कि वेवजह पूरे परिवार के लोग मारपीट करते रहते थे. सोने भी नहीं देते थे.

जबरदस्ती जो नहीं खाना चाहती थी उसे खिलाया जाता था. नहीं खाने पर छोलनी गर्म कर मारता था. हाथ, पैर, पीठ,  अन्य कई जगहों पर दागा भी गया है.

अपहरण की शिकायत दर्ज करायी थी, पता नहीं लगा सकी पुलिस

बता दें कि लड़की वर्ष 2017 में लापता हुई थी तो लड़की के पिता ने अपनी बेटी के अपहरण होने की आशंका जताते हुए पर अरगोड़ा थाना में मामला दर्ज करवाया था और अपनी बेटी की सकुशल बरामदगी को लेकर गुहार भी लगायी थी.

लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी लड़की का कोई पता नहीं चल पाया था.

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