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मंत्री नीलकंठ, रणधीर सिंह, नीरा यादव और राज पलिवार समेत MLA सत्येंद्रनाथ तिवारी क्या चौकीदार नहीं ?

Akshay Kumar Jha

Ranchi: कांग्रेस के “चौकीदार चोर है” कैंपेन के बाद बीजेपी ने बड़े जोर-शोर से “मैं भी चौकीदार” कैंपेन चलाया था. लेकिन झारखंड की बात करें तो यहां के कई बीजेपी विधायक को शायद “मैं भी चौकीदार” में कोई दिलचस्पी नहीं है.
दरअसल “मैं भी चौकीदार” कैंपेन में बीजेपी से जुड़े सभी विधायक और बड़े अधिकारियों को अपने ट्विटर हैंडल या सोशल मीडिया में अपने प्रोफाइल नेम के आगे चौकीदार लिखना था. झारखंड में बीजेपी के 37 विधायक हैं.

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37 में से 15 ऐसे विधायक हैं जो ट्विटर हैंडल पर हैं ही नहीं. 11 ऐसे विधायक हैं जिनका ट्विटर में प्रोफाइल तो है, लेकिन उन्होंने “मैं भी चौकीदार” को स्पोर्ट नहीं किया. मतलब उन्होंने अपने प्रोफाइल नेम के आगे चौकीदार शब्द का इस्तेमाल नहीं किया.

बीजेपी के पांच मंत्री भी क्या नहीं हैं चौकीदार ?

झारखंड सरकार के चार कैबिनेट मंत्रियों ने भी “मैं भी चौकीदार” कैंपेन को स्पोर्ट नहीं किया है. इनमें शिक्षा मंत्री नीरा यादव, श्रम और नियोजन मंत्री राज पलिवार, ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, कृषि मंत्री रणधीर सिंह और खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय भी शामिल हैं.

गौर करने वाली बात है कि इन पांचों में सरयू राय, नीलकंठ सिंह मुंडा, नीरा यादव और राज पालिवार चारों के पास अपना ट्विटर हैंडल है. वो अक्सर ट्विटर पर सक्रिय भी देखे जाते हैं. वहीं कृषि मंत्री रणधीर सिंह का ट्विटर हैंडल पर अकाउंट ही नहीं है.

ऐसे विधायक जो ट्विटर पर हैं, लेकिन वो चौकीदार नहीं

झारखंड में बीजेपी के ऐसे कुल 10 विधायक हैं, जिनके पास ट्विटर हैंडल तो है. लेकिन वो चौकीदार कैंपेन को स्पोर्ट नहीं कर रहे हैं. इन विधायकों में राम कुमार पाहन, जीतू चरण राम, सत्येंद्रनाथ तिवारी, सरयू राय, नीरा यादव, ताला मरांडी, जानकी प्रसाद यादव, केदार हाजरा, नीलकंठ सिंह मुंडा और राज पलिवार शामिल हैं.

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ऐसे विधायक जो ट्विटर पर हैं ही नहीं

2014 में केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने के बाद देशभर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है. पीएम से लेकर तमाम मंत्री और विपक्ष के नेता ने भी सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता दिखायी.

2014 में आम चुनाव में सोशल मीडिया एक हथियार की तरह इस्तेमाल हुआ. एक तरह से सोशल मीडिया पर सक्रियता अनिवार्य ही मानी जाने लगी. लेकिन ताज्जुब की बात है कि झारखंड बीजेपी में ऐसे 15 विधायक हैं, जो ट्विटर पर सक्रिय ही नहीं है.

इनमें रणधीर कुमार सिंह, नारायण दास, अमित मंडल, अशोक कुमार, गणेश गंझू, जय प्रकाश सिंह भोगता, निर्भय कुमार शाहबादी, योगेश्वर महतो बाटुल, फूलचंद मंडल, संजीव सिंह, ढुल्लू महतो, मेनका सरदार, गंगोत्री कुजूर, दिनेश उरांव और राधा कृष्ण किशोर शामिल हैं.

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लिहाजा #AAPJHARKHAND ने ली चुटकी…


आप पार्टी के झारखंड अकाउंट के ट्विटर हैंडल ने बीजेपी की जमकर चुटकी ली है. अपने वॉल पर आप ने लिखा है कि “झारखंड के पूर्व सीएम @MundaArjun और मंत्री @drneerayadav @RajPaliwar2 ने मोदी का चौकीदार बनने से किया इंकार। विधायक @sntiwarimla और @dhullu_mahto भी बगावत पर उतरे। मोदी ने कहा था अपने नाम में चौकीदार लिखो। झारखंड के अधिकांश भाजपाइयों को शर्म आई। कई नेताओं ने कहा, यह अपमान है।”

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