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घंटाघर का शिलान्यास कर घिरे मंत्री मिथिलेश ठाकुर, कांग्रेस के विरोध के बाद भाजपा ने डीसी को सौंपा ज्ञापन-आंदोलन की चेतावनी

Garhwa : झारखंड सरकार के पेयजल स्वच्छता मंत्री व स्थानीय विधायक मिथिलेश ठाकुर घंटाघर के शिलान्यास के बाद कई तरह से घिर गए हैं. सत्तारूढ कांग्रेस जहां मंत्री को बर्खास्त करने की मांग पर अड़ गयी है, वहीं भाजपा ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य रोकने की मांग की है. ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गयी है.

बता दें कि गुरूवार को पेयजल स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गढ़वा शहर के रंका मोड़ पर अपने पिता स्वर्गीय कौशल किशोर ठाकुर के नाम पर इंदिरा गांधी पार्क में घंटाघर के निर्माण का शिलान्यास किया था.

शिलान्यास के बाद तुरंत बाद झामुमो के साथ सरकार चला रही कांग्रेस के नेताओं ने इसपर घोर आपत्ति जताई थी. कांग्रेस ने कहा कि मंत्री ने सत्ता के मद में स्वर्गीय इंदिरा गांधी के नाम पर स्थित इस पार्क में अपने पिता के नाम पर घंटाघर का निर्माण कराने का जो निर्णय लिया है वह गठबंधन धर्म के अनुकूल नहीं है.

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वहीं विपक्षी पार्टी भाजपा ने भी मंत्री को इस मुद्दे पर आड़े हाथों लिया है. भाजपा के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश केसरी ने इसे बाहरी व्यक्ति के नाम पर गढ़वा में कब्जा जमाने की राजनीति तो करार दिया है. साथ ही जिस मंत्री के पिता के नाम पर घंटाघर बनाया जा रहा है उनके स्वतंत्रा सेनानी होने पर ही सवाल खड़ा कर दिया है.

शुक्रवार को पूर्व विधायक और भाजपा के वरिष्ठ नेता सत्येन्द्र तिवारी ने गढ़वा के उपायुक्त राजेश पाठक को ज्ञापन सौंपा और 24 घंटे के भीतर काम रोकने की मांग की गयी. भाजपा नेतााओं ने कहा कि शहर की ह्दयस्थली रंका मोड़ पर बन रहे घंटाघर किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा.

उधर, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अरविंद तूफानी, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेंद्र तिवारी, अलख चैबे, श्रीकांत तिवारी, सूर्यनारायण यादव, जोगिंदर चैबे और एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष पीयूष चैबे ने कहा कि जिस तरह से इंदिरा गांधी पार्क में घंटाघर का शिलान्यास किया है, यह पूरे कांग्रेसियों के साथ भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न इंदिरा गांधी का अपमान है. कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी.

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वह मंत्री के लायक नहीं है. उन्हें तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त कर देना चाहिए. जब हम सभी को यह सूचना मिली की इंदिरा गांधी पार्क में घंटाघर का निर्माण करने के लिए आज मंत्री के द्वारा शिलान्यास का कार्यक्रम है तो एक प्रतिनिधिमंडल मंत्री से मिलने उनके आवास पर गया और घंटाघर को इंदिरा गांधी पार्क से दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की, लेकिन उनके द्वारा कांग्रेसियों की बात का सम्मान नहीं किया गया.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अलख चैबे ने कहा कि 1984 में स्वर्गीय इंदिरा गांधी की जब हत्या हुई थी, उसके बाद गढ़वा जिला के आम कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भिक्षाटन कर शहर के रंका मोड़ पर स्वर्गीय इंदिरा गांधी की प्रतिमा को स्थापित की थी जिसमें पूर्व समाजसेवी बैजनाथ तिवारी और राजनाथ तिवारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा था.

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुरेंद्र तिवारी ने कहा कि पार्क का सुंदरीकरण होने के बाद विभाग के द्वारा एनओसी भी नहीं लिया गया था. गढ़वा जिला प्रशासन ने मंत्री को खुश करने के लिए यह कार्य किया है. इसमें गढ़वा डीसी की भी भूमिका संलिप्त है.

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वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्रीकांत तिवारी ने कहा कि गढ़वा जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा केंद्रीय और राज्य के आला नेताओं को इसकी सूचना दे दी गई है. पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे ने भी मंत्री से दूरभाष पर बात कर इंदिरा गांधी पार्क में घंटाघर का निर्माण नहीं करने की मांग की, लेकिन उनकी बातों की भी अवहेलना की गयी.

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