JharkhandLead NewsRanchi

मंत्री रामेश्वर उरांव ने केंद्र को दी सलाह, कहा- भूमि अधिग्रहण कानून को पढ़ने के बाद ही प्रोजेक्ट्स के लिए लें जमीन

Ranchi : वित्त तथा खाद्य आपूर्ति डॉ रामेश्वर उरांव को शिकायत है कि झारखंड में सड़क और अन्य परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण में केंद्र के स्तर से गंभीरता नहीं बरती जा रही. बेड़ो (रांची) में एनएच-23 सड़क के चौड़ीकरण और बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. इसमें निर्धारित से कम मुआवजा दिये जाने की शिकायत कई ग्रामीणों ने की है. सोमवार को ग्रामीणों के साथ हुई जनसभा में उन्होंने इसके लिए केंद्र को दोषी ठहराया.

कहा कि केंद्र सरकार के अधिकारियों को चाहिए कि वे रैयत से जमीन लेने के पहले कानून को ठीक से पढ़ें. उसका अक्षरशः पालन करें. आवश्यक परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए रैयतों को समुचित मुआवजा प्रदान करें.

advt

इसे भी पढ़ें:रांची बार एसोसिएशन का चुनाव : वोटिंग शाम 5 बजे के बाद भी जारी, अभी तक 83.52 % मतदान

कांग्रेस ने दिया था आदर्श भूमि अधिग्रहण कानून

रामेश्वर उरांव ने कहा कि वे यहां किसी को भड़काने या उकसाने के लिए नहीं आये हैं. वे जानकारी देने आये हैं कि 2013 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर तत्कालीन केंद्र सरकार ने आदर्श भूमि अधिग्रहण कानून बनाया था.

इस कानून में यह प्रावधान है कि केंद्र सरकार की ओर से यदि सड़क, खनन और अन्य जनोपयोगी कार्यां के लिए जमीन अधिग्रहण किया जाता है तो सड़क के किनारे की जमीन की कीमत बाजार दर से चार गुणा अधिक मिलेगी.

यह क्षेत्र शिड्यूल एरिया में आता है. शिड्यूल एरिया में भूमि अधिग्रहण के लिए कई नियमों का पालन जरूरी है. भूमि अधिग्रहण के पहले ग्राम सभा की अनुमति जरूरी है. इन सारे नियमों का पालन करने के बाद ही जमीन अधिग्रहण होना चाहिए.

पर उन्हें यह जानकारी मिली है कि बेड़ो में एनएच चौड़ीकरण और बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण के एवज में मुआवजा काफी कम मिल रहा है.

रामेश्वर ने बताया कि हजारीबाग में उनकी पत्नी के नाम पर 25 डिसमिल जमीन थी. इसके एवज में उन्हें 57 लाख रुपये का मुआवजा मिला.

इसे भी पढ़ें:विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी स्थिति में न हो खिलवाड़ : राज्यपाल

मुआवजा शर्त मंजूर नहीं

मौके पर आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने कहा कि एनएच-23 सड़क चौड़ीकरण के तहत पलता से गुमला पथ सेक्शन में बेड़ो प्रखंड में जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है.

इसमें जरिया, पुरियो, बेड़ो, बरीडीह, नगड़ी, ईटा, चिल्दरी, चैरमा, कदोजोरा, हाठु लमकाना और असरो मौजा में 2000 रुपये से लेकर 18 हजार रुपये प्रति डिसमिल का मुआवजा दिये जाने का नोटिस ग्रामीणों को दिया गया है.

यह ग्रामीणों को मंजूर नहीं है. अभी यहां जमीन का बाजार दर 3 से 4 लाख प्रति डिसमिल चल रहा है और बाजार दर से चार गुणा अधिक दर पर मुआवजा मिलना चाहिए.

जब तक उचित मुआवजा नहीं दिया जाता है, तब तक रैयत अपनी जमीन नहीं देंगे. ग्रामीणों के पास जमीन सीमित है और इसी पर खेतीबारी कर सभी जीवन यापन कर रहे है.

सभा में पद्मश्री सीमेन उरांव भी उपस्थित हुए. सभा का संचालन बेड़ो के उप प्रमुख धनंजय राय ने किया. धन्यवाद ज्ञापन पूर्व विधायक व पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गंगा टाना भगत ने किया.

इसे भी पढ़ें:हत्या या आत्महत्या की गुत्थी को लालपुर थाने की पुलिस चार दिन बाद भी नहीं सुलझा सकी

Nayika

advt

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: