Jamshedpur

मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने दिया बागबेड़ा जलापूर्ति योजना को धरातल पर उतारने का निर्देश

Jamahedpur  :  सूबे के पेयजल व स्वच्छता मंत्री तथा पूर्वी सिंहभूम जिले के प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने शुक्रवार को समाहरणालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को बागबेड़ा जलापूर्ति योजना को शीघ्र ही धरातल पर उतारने का निर्देश दिया. इसके अलावा गोविंदपुर जलापूर्ति योजना का काम भी समय पर पूरा कराने के लिए कहा. समीक्षा बैठक में विधायक सरयू राय, रामदास सोरेन भी उपस्थित थे.

इन मुद्दों पर हुई चर्चा

प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से कृषि, पेयजल, सिंचाई और खाद्य वितरण पर चर्चा की गयी. उन्होंने जिले के डीसी व अन्य अधिकारियों से विभागों की पूरी जानकारी मांगी है. साथ ही अधिकारियों से कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से आम लोगों को मिलना चाहिए. उन्होंने जन वितरण और पीडीएस की शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए कहा.

पिछली सरकार पर भड़के मंत्री  

Sanjeevani

पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री मिथिलेश ठाकुर पिछली सरकार पर भड़के. कहा कि पिछली सरकार की गलतियों का खमियाजा आम लोगों को भुगतान पड़ रहा है. इतनी बड़ी महत्वाकांक्षी योजना को आंख बंद करके एजेंसियों को दे दिया गया था. उसकी कोई मॉनिटरिंग नहीं की गयी. मंत्री ने कहा कि पदभार संभालने के बाद मैंने योजना की समीक्षा की. कार्यस्थल का भी दौरा किया. इस दौरान पाया कि योजना में काफी कमियां हैं और यह काफी धीमी गति से चल रही है. उन्होंने कहा कि उन्होंने विभाग के अभियंताओं तथा अधिकारियों को डांट लगायी थी, साथ ही निर्देश दिया था कि अब किसी प्रकार की की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि गोविंदपुर जलापूर्ति योजना का काम लगभग काम पूरा हो चुका है. बागबेड़ा जलापूर्ति योजना का काम तेजी से हो रहा है. उन्होंने कहा कि बागबेड़ा योजना का लाभ जल्द ही आम जनता को मिलेगा.

तांतनगर जलापूर्ति योजना में की गई है कार्रवाई

90 करोड़ की लागतवाली पश्चिम सिंहभूम जिला की तांतनगर ग्रामीण जलापूर्ति योजना में अनियमितता बरते जाने के सवाल पर मंत्री ने बताया कि इस मामले में जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गयी है.

मोहरदा जलापूर्ति योजना 

मोहरदा शहरी जलापूर्ति योजना पर मंत्री ने कहा कि इसकी संचालन एजेंसी जुस्को एक स्वतंत्र एजेंसी है. शहरी जलापूर्ति की पुरानी योजनाओं का काम पेयजल स्वच्छता विभाग से कराया जा रहा है जबकि नयी योजनाओं का काम जुडको के माध्यम से किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस काम में किसी प्रकार की कमी रह गयी होगी, तो उसे जांच कर ठीक किया जायेगा.

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