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शराब बेचने की व्यवस्था तो मंत्री जगरनाथ महतो ने कर दी लेकिन, निजी स्कूलों ने वसूल ली फीस फिर भी नहीं निकाले आदेश

Rahul Guru

Ranchi: झारखंड राज्य के शिक्षा मंत्री हैं जगरनाथ महतो. ये उत्पाद विभाग के भी मंत्री हैं. पर इन्हें जितनी चिंता उत्पाद विभाग की है, उतनी शिक्षा विभाग की नहीं. तभी तो उन्होंने राज्य में लॉकडाउन के दौरान शराब कैसे बेची जा सकती है, इसकी व्यवस्था कर ली. लेकिन राज्य के बच्चों की पढ़ाई कैसे हो पायेगी, इसकी जरा भी चिंता नहीं की.

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राज्य में लॉकडाउन हुए 50 दिन से ज्यादा हो चुके हैं. लॉकडाउन की अवधि की फीस निजी स्कूलों को लेनी है या नहीं, इसे लेकर बीते 50 दिन से चर्चा चल रही है. खुद राज्य के शिक्षा मंत्री और उत्पाद मंत्री जगरनाथ महतो ने केवल बयान ही दिये हैं. उन्होंने एक बार फिर गुरुवार को मीडिया के सामने चौथी बार कहा कि निजी स्कूल आदेश जारी होने तक फीस नहीं ले.

आदेश निकालने के लिए किसकी सहमति का इंतजार कर रहे शिक्षा मंत्री

निजी स्कूल हो या सरकारी स्कूल सभी शिक्षा विभाग के अंतर्गत आते हैं. फिर भी शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो कहते फिर रहे हैं कि आदेश निकलने तक निजी स्कूल फीस नहीं लेंगे. अब विभाग के मंत्री होने के बाद भी शिक्षा मंत्री पता नहीं आदेश निकालने के लिए किसकी सहमति का इंतजार कर रहे हैं.
जबकि इसके उलट शहर के स्कूलों ने अभिभावकों से फीस वसूलनी भी शुरू कर दी है. कुछ दिनों पहले तक मौखिक रूप से फीस जमा करने को कहा जाता था, पर अब सीधा जमा करने को कहा जा रहा है.

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डीएवी ग्रुप्स सहित कई स्कूल वसूलने लगे फीस

मंत्री जगरनाथ महतो शराब बेचने की व्यवस्था में लगे रहे और इधर शहर के बड़े स्कूलों ने अभिभावकों से फीस वसूलनी भी शुरू कर दी है. दो दिन पूर्व डीएवी ग्रुप के डीएवी गांधीनगर ने फीस जमा करने की शर्त पर अभिभावकों को किताबें उपलब्ध कराने की बात कही.

इसके अतिरिक्त डीएवी बरियातू ने भी अभिभावकों को फीस जमा करने को कहा है. साथ ही एक अभिभावक ने डीएवी कपिलदेव स्कूल की फीस जमा करने की रसीद उपलब्ध करायी है. अब शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो स्कूलों से फीस नहीं लेने का अनुरोध करते रहे और डीएवी कपिलदेव ने क्लास दो के एक स्टूडेंट्स से मैगजीन फीस, टेक्स्ट बुक, ट्यूशन फीस के साथ-साथ ट्रांसपोर्टेशन फीस भी वसूल कर ली. वहीं संत जेवियर्स, संत थॉमस के अलावा बाबा रामदेव का स्कूल आचार्यकुलम ने भी अभिभावकों को नोटिस थमा दिया है.

अभिभावक हैं नाराज, कब तक करें आदेश का इंतजार

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के निजी स्कूलों के फीस निर्धारण के प्रति शिथिल रवैये को लेकर अभिभावकों में खासी नाराजगी है. अभिभावकों का कहना है कि मंत्री जी को शिक्षा से ज्यादा शराब की चिंता है. देश के आधा दर्जन से अधिक राज्यों ने निजी स्कूलों के फीस निधार्रण से संबंधित आदेश जारी कर दिये. झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को इसकी जरा भी चिंता नहीं है. अभिभावकों की मानें तो वे बच्चों की भविष्य की चिंता करते हैं. तभी इस मुसीबत की घड़ी में भी कर्ज लेकर स्कूलों की फीस जमा कर रहे हैं.

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