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मंत्री सीपी सिंह ने एक ओर गिनायीं उपलब्धियां, साथ ही कहा- 84 करोड़ खर्च करने के बावजूद नहीं हो पाया हरमू नदी का विकास

Ranchi : नगर विकास विभाग के साढ़े चार सालों की उपलब्धियां गिनाते हुए विभागीय मंत्री सीपी सिंह ने स्वीकारा है कि 84 करोड़ खर्च करने के बाद भी हरमू नदी का विकास नहीं हो पाया है. नदी के सौंदर्यीकरण कार्य की रिपोर्ट उनके पास आयी थी. रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होकर उन्होंने थर्ड पार्टी को जांच करने के लिए पत्र लिखा है. लेकिन हकीकत यही है कि उनकी नजर में काम अब भी अधूरा है. सूचना भवन सभागार में शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री सीपी सिंह ने जहां विभाग के कई उपलब्धियों का जिक्र किया. वहीं स्लॉटर हाउस और राजधानी स्थित हरमू इलेक्ट्रिक शव दाह गृह, राजधानी में बननेवाले दो प्लाइओवर (कांटाटोली और रातू रोड) की स्थिति पर भी बात की. इस दौरान विभागीय सचिव अजय कुमार सिंह और नगर आयुक्त मनोज कुमार भी उपस्थित थे.

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लोगो ने मानसिकता बदली होती, तो चालू होता स्लॉटर हाउस

18 करोड़ की लागत से कांके में बने स्लॉटर हाउस के नहीं चालू होने के सवाल पर मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि राजधानी में मटन खानेवाले लोगों ने अपनी मानसिकता ही नहीं बदली. उन्हें तो सामने ही कटा हुआ मांस लेने की आदत बनी हुई है. हालांकि निगम ने अपने स्तर पर लोगों को समझाने के कोशिश भी की कि स्लॉटर हाउस में कटा मटन काफी हाइजैनिक है, लेकिन लोगों ने इसे नहीं माना. नगर आयुक्त ने कहा कि निगम ने राजधानी के सभी मीट विक्रेताओं को भी इस संदर्भ में एक आदेश निर्गत किया था. लेकिन उस आदेश के बाद सभी विक्रेता संघ ने हाइकोर्ट में एक चुनौती दी. अब मामला न्यायालय में है. निगम अब कॉमर्शियल स्लॉटर हाउस की तैयारी कर रहा है.

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मारवाड़ी सहायक समिति के सुपुर्द होगा हरमू इलेक्ट्रिक शवदाह गृह

हरमू और नामकुम स्थित इलेक्ट्रिक शवदाह गृह के काम नहीं करने के सवाल पर मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि उनके समक्ष भी यह मामला कई बार आया है. विभाग ने अब निर्णय लिया है कि उक्त शवदाह गृह जिस स्थिति में है, उसी हालत में मारवाड़ी सहायक समिति को सुपुर्द कर दिया जायेगा. नगर निगम की आगामी बोर्ड बैठक में इसकी स्वीकृति दे दी जायेगी. वहीं नामकुम स्थित शवदाह गृह के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. रातूरोड और हरमूरोड प्लाइओवर का काम शुरू होने की बात करते हुए मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि रातू रोड प्लाइओवर जिस फॉर्मूले से बनना था वो एनएचएआइ के नियम से अलग था. हालांकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्णय के बाद ही एनएचएआइ ने 3 लेन में पुल बनाने के काम की रजामंदी दी. वहीं हरमू रोड प्लाइओवर में जमीन अधिग्रहण और दोनों पुल और रातू चौक गोलंबर को लेकर कुछ दिक्कत आयी. जिसमें कुछ देरी हुई. पुल निर्माण से जुड़ी फाइल का एनएचएआइ, जुडको और पथ निर्माण विभाग में जाने से भी देरी हुई है. हाल में मुख्यमंत्री ने इसकी समीक्षा कर काम जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है.

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साढ़े चार साल में विभाग की उपलब्धियां

  • 12 अतिरिक्त नगर निकायों का गठन (वर्तमान में कुल 51)
  • झारखंड राज्य किफायती आवास नीति–2016 अधिसूचित
  • 48,567 आवासों का निर्माण पूरा और 44,233 प्रगति पर
  • सामाजिक अंकेक्षण करानेवाला झारखंड पहला राज्य
  • 2,17,212 व्यक्तिगत, 566 सामुदायिक और 308 मॉड्यूलर शौचालय का निर्माण
  • राज्य के सभी शहरी निकाय ओडीएफ घोषित
  • स्वच्छता सर्वेक्षण में राज्य को बेहतर स्थान मिलना
  • राज्य के पहला सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का कार्य देवघर और गिरिडीह नगर निगम में पूरा. चास, आदित्यपुर और हजारीबाग के लिए संचालकों का चयन
  • अमृत योजना के तहत कुल 46 योजनाएं स्वीकृत (6 जलापूर्ति, 45 सिवरेज-ड्रेनेज और 35 पार्क शामिल हैं.)
  • चार स्मार्ट रोड का बनाने का काम
  • रांची स्मार्ट सिटी इम्पैक्टफुल प्रोजेक्ट के तहत रांची वेंडर मार्केट, हज हाउस का काम पूरा, रवींद्र भवन, जयपाल सिंह स्टेडियम सौंदर्यीकरण और बड़ा तालाब एवं करमटोली तालाब का सौंदर्यीकरण का निर्माणाधीन
  • पब्लिक बाईसाइकिल शेयरिंग फेज 1 का सफलतापूर्वक संचालन
  • एचईसी इलाके में 656.3 एकड़ पर 513.04 करोड़ की लागत से रांची स्मार्ट सिटी का निर्माण
  • राजधानी के दुबलिया और खादगढ़ा में आइएसबीटी का निर्माण कार्य, रांची के सुकरहुटू, धनबाद के दो स्थानों और जमशेदपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण
  • कई स्थानों (कोडरमा, बासुकीनाथ, धनबाद, देवघर, दुमका और मेदिनीनगर) में शहरी जलापूर्ति योजना जल्द होगी शुरू

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