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खदान क्षेत्र में है गैर मान्यता प्राप्त स्कूल, बच्चों की जान से खिलवाड़

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Dhanbad : जिले भर में हजारों विद्यार्थियों के भविष्य गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का खिलवाड़ जारी है. ऐसे स्कूल शिक्षा के नाम पर पैसा ऐठने के लिए बच्चों की जान से भी खिलवाड़ कर रहे हैं. ऐसा ही एक विद्यालय झरिया अंचल के मोहलबनी मौजा में स्थित पाथरडीह का नवभारत पब्लिक स्कूल है. यह विद्यालय असुरक्षित स्थान पर संचालित किया जा रहा है. वहां कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है, इसमें कोई शक नहीं है. यहां 10वीं तक की पढ़ाई होती है, सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ते हैं. जबकि इस विद्यालय को किसी भी बोर्ड से मान्यता मिली हुई नहीं है. बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर विद्यालय प्रबंधन विद्यालय का संचालन कर रहा है.

नोटिस के बावजूद नहीं हटा स्कूल

असुरक्षित स्थान पर संचालित हो रहा नवभारत पब्लिक स्कूल, मोहलबनी को जिला प्रशासन और कोल इंडिया लिमिटेड और स्थानीय प्रबंधन ने आर एंड आर नीति के तहत देय लाभ का प्रस्ताव दिया है. इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन विद्यालय को असुरक्षित स्थान से हटाने को तैयार नहीं है. गौरतलब है कि विद्यालय की जमीन का अधिग्रहण भू-अधिग्रहण केस संख्या 19/2004-05 के तहत किया गया था. इसमें पंचाट के माध्यम से भूमि और मकान का मुआवजा भी प्राप्त कर लिया है. इसकी शिकायत बीसीसीएल ने उपायुक्त और जिला शिक्षा पदाधिकारी से पत्र के माध्यम से की है.

पाथरडीह का नवभारत पब्लिक स्कूल को हटाना है. डीएसइ ने आदेश दिया है कि वहां बीओ से जांच करवा कर स्कूल को हटवायें. इस स्कूल को मान्यता नहीं मिली हुई है, गैर संवैधानिक स्कूल है. भले ही उस स्कूल की हमारी जिम्मेदारी नहीं है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है.

माधुरी कुमारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, धनबाद

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अब सवाल यह उठता है

जिले में 200  से अधिक ऐसे स्कूल हैं जो गैर मान्यता प्राप्त हैं. फिर भी उन्हें बंद क्यों नहीं किया गया. हमेशा जब भी कोई मामला इन स्कूलों का आता है, तो बंद करने की बात कही जाती है. फिर भी अभी तक स्कूल संचालित हो रहे हैं कैसे.  जबकि, इस स्कूल को बंद करने के डीओ के आदेश से स्पष्ट होता है कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बंद करने का अधिकार डीओ को है. अब सवाल है कि बाकी के गैर मान्यता प्राप्त स्कूल कब बंद होंगे.

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