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चाइल्ड आइसीयू के लिए अब नहीं खर्चने होंगे लाखों रुपये, यहां मिलेगी फ्री सर्विस

Ranchi : बच्चे जब बीमार पड़ते हैं तो घरवाले उन्हें लेकर सीधा हॉस्पिटल का रुख करते हैं. वहीं स्थिति गंभीर होने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में इसिलए ले जाते हैं क्योंकि वहां की व्यवस्था दुरुस्त होती है. इसके लिए उन्हें जेब भी ढीली करनी पड़ती है. यहां तक कि उऩ्हें लाखों का बिल चुकाना पड़ता है.

कई बार तो बच्चों का इलाज यदि लंबा खिंच जाये तो घर और जमीन भी बेचने की नौबत आ जाती है. लेकिन अब सिटी के लोगों को प्राइवेट हॉस्पिटल के तर्ज पर हाइटेक फैसिलिटी सदर हॉस्पिटल में ही मिलेगी. जहां बच्चों के लिए पेडियाट्रिक आइसीयू और एचडीयू जैसे सुविधा मिलेगी.

इसके वार्ड बन कर तैयार हैं. इन सुविधाओं के लिए एक रुपया भी खर्च नहीं करना होगा. बताते चलें कि थर्ड वेव में बच्चों के चपेट में आने की आशंका को लेकर ये वार्ड तैयार किये गये हैं. जिसका भविष्य में भी लाभ इलाज के लिए आनेवाले बच्चों को मिलता रहेगा.

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वेंटिलेटर के साथ अलग वार्ड

बच्चों के लिए दो स्पेशल वार्ड बनाये गये हैं, आइसीयू और एचडीयू. जहां एक-एक हॉल में 8-8 बेड लगाये गये हैं. वहीं गंभीर बच्चों के लिए वेंटिलेटर के साथ एक अलग वार्ड है. इसके अलावा हर बेड पर मॉनिटर और ऑक्सीजन सपोर्ट की सुविधा होगी.

कलरफुल बेड और प्ले जोन

बच्चे जब बीमार होंगे तो उन्हें हॉस्पिटल में रखा जायेगा. ऐसे में वहां भी बच्चों को घर जैसा माहौल मिले इसके लिए पूरा इंतजाम है. बेड से लेकर वाल पेंटिंग भी कार्टून वाले किये गये हैं.

जबकि दो अलग-अलग प्ले जोन भी बनाये गये हैं. जिसमें खेलने के लिए चीजें उपलब्ध हैं. वहीं हॉल में टीवी लगाये गये हैं जिससे उनका एंटरटेनमेंट जारी रहेगा.

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आयुष्मान योजना से डॉक्टर बहाली

हॉस्पिटल में बच्चों के लिए पहले से पांच पेडियाट्रिक डॉक्टर हैं. इन डॉक्टरों की ट्रेनिंग हो चुकी है. जिसमें आइसीयू ऑपरेशन, वेंटिलेटर चलाने के अलावा अन्य चीजों के बारे में जानकारी दी गयी है. जिससे आपात स्थिति में ये लोग आइसीयू का संचालन कर सकें. वहीं कुछ नये डॉक्टरों की बहाली आयुष्मान योजना के तहत करने की तैयारी चल रही है.

रिम्स में भी नहीं ऐसी सुविधा

रिम्स का राज्य का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है. हर वक्त सैंकड़ों बच्चे इलाज के लिए एडमिट रहते हैं. जहां बच्चों का इलाज तो किया जाता है, लेकिन गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रेफर कर दिया जाता है.

इसके बावजूद वहां पर आइसीयू और एचडीयू जैसी सुविधाएं नहीं हैं. हालांकि थर्ड वेव को लेकर रिम्स प्रबंधन बच्चों के लिए वार्ड बनाने का काम कर रहा है. जिससे कुछ दिनों में वहां भी ये सुविधाएं मिलने लगेंगी.

क्या-क्या है बच्चों के लिए

  • 27 आइसीयू बेड (इंटेंसिव केयर यूनिट)
  • 24 एचडीयू बेड (हाई डिपेंडेंसी यूनिट)
  • प्लेइंग जोन
  • गैलरी
  • टीवी

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