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यूनिसेफ के साथ मिल जेइपीसी ने लांच किया वॉश प्रोग्राम, हर शिक्षक को वाटर, सैनिटाइजेशन एंड हाइजिन का मिलेगा प्रशिक्षण

Ranchi : कोरोना महामारी के कारण हुए लॉकडाउन ने शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव लाया है. इसने व्यापक बदलाव करते हुए शिक्षा को इ-लर्निंग मोड में ला दिया, जिसे झारखंड ने बड़ी आसानी से स्वीकार भी किया. आनेवाले समय में स्कूलों में पठन-पाठन की स्थिति में हो रहे बदलाव को देखते हुए वॉश (वाटर, सैनिटाइजेशन एंड हाइजिन) कार्यक्रम की लांचिंग की गयी.  झारखंड शिक्षा परियोजना, यूनिसेफ और एएससीआइ के संयुक्त प्रयास से इस कार्यक्रम को टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत लांच किया गया.

इस ऑनलाइन कार्यक्रम में डीइओ, डीएसई, एडीपीओ, डिस्ट्रिक्ट कंसल्टेंट्स सहित 450 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया.  इस कार्यक्रम के आयोजन के पीछे का उद्देश्य शिक्षकों को ट्रेंड कर कोविड-19 के प्रति जागरुकता को बढ़ाना है. स्कूलों में वॉश कार्यक्रम को शुरू करने की स्ट्रेटजी तय की गयी.

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वॉश कार्यक्रम में हुआ है सुधार

इस लांचिंग कार्यक्रम में यूनिसेफ वॉश कार्यक्रम के स्टेट कंसल्टेंट डॉ गौरव वर्मा मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद थे. वहीं अन्य वॉश ऑफिसर डॉ लक्ष्मी सक्सेना ने भी संबोधित किया. जहां उन्होंने कहा कि झारखंड में वॉश कार्यक्रम में काफी सुधार हुआ है. साथ ही उन्होंने इस कार्यक्रम के औचित्य पर भी प्रकाश डाला.

कार्यक्रम की लांचिंग शिक्षा परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने की. उन्होंने कहा कि राज्य जिस तरह से प्रवासी मजदूरों का आगमन हो रहा है. ऐसे में स्कूलों की री-ओपनिंग से पहले काफी तैयारी करने की आवश्यकता होगी. यूनिसेफ के सहयोग से शुरू हुए इस प्रोग्राम से शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर स्कूलों को फिर से खोलना आसान होगा. उन्होंने आगे कहा कि स्कूलों के सुरक्षित संचालन के लिए वॉश (वाटर, सेनेटाइजेशन एंड हाइजिन) कार्यक्रम बहुत ही जरूरी है.

इस कार्यक्रम के संचालन की रूपरेखा तय करते हुए कहा गया कि जिला प्रमुख सभी शिक्षकों को इस प्रशिक्षण को पूरा करने को कहेंगे. इसके लिए स्कूल के अनुसार एसओपी तैयार की जाये. स्कूल तभी खुलेंगे, जब कम से कम स्कूल का एक शिक्षक इस प्रशिक्षण को पूरा किया हो. यह प्रोग्राम उन स्कूलों और वहां के शिक्षकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है,जहां क्वारंटाइन सेंटर बने हुए हैं. एक खाका तैयार करने को भी कहा गया कि जिन स्कूलों में क्वारंटाइन सेंटर बने हैं, वहां कितने प्रवासी लोग रह रहे हैं.

मौके पर एएससीआइ हैदराबाद की प्रोफेसर डॉ मालिनी रेड्डी ने वॉश प्रोगाम को लेकर झारखंड सरकार के अवेयरनेस की प्रशंसा की.

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