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भारत को हॉकी विश्व कप में जीत दिलानेवाले झाऱखंड के माइकल किंडो नहीं रहे

1972 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक टीम में भी थे शामिल, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हुए थे

Ranchi: झाऱखंड ने 2020 के अंतिम दिन अपने एक और योग्य सपूत को खो दिया है. झाऱखंड के अर्जुन अवार्डी हॉकी खिलाड़ी माइकल किंडो का निधन हो गया है.

राउलकेला के आईजीएच हॉस्पिटल में 3:00 बजे के आसपास देहांत हो गया। आज सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें IGH हॉस्पिटल राउलकेला में भर्ती कराया गया था, पर उनको बचाया नहीं जा सका.

फील्ड हॉकी के इस शानदार खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया था. माइकल ने 1972 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. इसमें इन्होंने आयरन गेट की तरह बचाव किया था. भारतीय टीम ने इसमें कांस्य पदक जीता था.

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माइकल 1975 में विश्व कप जीतने वाली टीम के सदस्य थे. उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 1971 विश्व कप में कांस्य पदक, 1973 विश्व कप में रजत पदक सहित एशियन गेम, एशिया कप, कॉमनवेल्थ गेम सहित दुनिया की सभी बड़े प्रतियोगिताओं में भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था.

माइकल किंडो का जन्म 20 जून 1947 को झारखंड के सिमडेगा जिला के कुरडेग प्रखंड अंतर्गत बैघमा गांव में हुआ था. सेना के नौकरी करते हुए वे भारतीय टीम तक पहुंचे थे.

सेना से सेवानिवृत्ति के बाद सेल राउरकेला में वे हॉकी का प्रशिक्षण देते थे और वही अब बस चुके थे. उनका निधन खेल जगत के लिए बहुत ही अपूरणीय क्षति है.

वे हमेशा सिमडेगा आते थे और किशोर खिलाड़ियों से मिलकर अपने अनुभवों को साझा कर खिलाड़ियों को हमेशा प्रोत्साहित करते थे. हॉकी सिमडेगा और हॉकी झारखंड ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है.

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