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फर्जी मस्टर रोल तैयार कर मनरेगा योजनाओं में राशि की लूट जारी

जानकारी होने बावजूद प्रशासन नहीं कर रहा है कार्रवाई

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Ranchi/Latehar: लातेहार में मनरेगा योजना में घोटालों के नये आयाम गढ़े जा रहे हैं. मनरेगा कानून लाख प्रयास के बाद भी सरकारी राशि की लूट का माध्यम बना हुआ है. लातेहार जिले के मनिका प्रखंड अंतर्गत जान्हों में फर्जी मस्टर रोल तैयार कर ठेकेदारों के माध्यम से मनरेगा की राशि की लूट की जा रही है. झारखंड नरेगा वॉच ने उप विकास आयुक्त सह जिला कार्यक्रम समन्वयक, लातेहार जिला को पत्र के माध्यम से बताया है कि मनिका प्रखंड की पंचायत जान्हों के मतनाग गांव में संचालित योजनाओं में बरती गयी. अनियमिततताओं पर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है. शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि कानूनी प्रावधान के बावजूद शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की जाती है. जिस कारण ठेकेदारों का मनोबल बढ़ता जा रहा है. मनिका प्रखंड में पूर्व में भी बकरी शेड निर्माण के कुल प्राक्कलन बढ़ाने का भी खेल किया जा चुका है. इस मामले में भी अब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गयी है.

कई बार की जा चुकी है शिकायत 

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राज्य में मनरेगा योजनाओं में लूट की शिकायत कई बार केन्द्र और राज्य सरकार के अधिकारियों से की गयी. कार्रवाई में देरी होना योजना में गबन और घोटला करने वाले लोगो का मनोबल बढ़ाता है. उपरोक्त पांच योजना में की जा रही गड़बड़ी को लेकर उपायुक्त लातेहार, मनरेगा आयुक्त, ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग झारखंड सरकार और संयुक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत को भी दी गयी है. अब उपरोक्त मामले में की जा रही गड़बड़ी की जांच विभाग की ओर से कब करायी जाती है, यह विभाग पर निर्भर करता है.

इन मामलों को लेकर की गयी है शिकायत 

  • जान्हों पंचायत के मतनाग गांव में संचालित मनरेगा योजना स्थलों का निरीक्षण 11 फरवरी 2019 को किया गया. योजना ग्राम जान्हों में बबिता देवी के के डोभा निर्माण में 11 से 17 फरवरी तक कुल 30 मजदूरों के नाम से मस्टर रॉल संख्या 12370, 12371 एवं 12372 निर्गत किया गया है. जबकि इस योजना में काम 2 माह पहले ही पूरा किया जा चुका है.
  • दूसरी योजना ग्राम मतनाग में नरेगश यादव के डोभा निर्माण की है.  इस योजना में 9 मजदूरों के नाम से मस्टर रोल संख्या 12131 निर्गत किया गया है. जिसकी कार्यावधि 8 से 14 फरवरी है. इसमें भी 2 माह पहले ही कार्य पूर्ण किया जा चुका है.
  • तीसरी योजना ग्राम जान्हों में बिरबल ठाकुर के डोभा निर्माण की है. इसमें भी 9 मजदूरों के नाम से मस्टर रॉल संख्या 12018 निर्गत की गयी है. जबकि 11 फरवरी या इसके एक सप्ताह पूर्व से इस योजना में किसी तरह का कार्य नहीं कराया गया है.
  • चैथी एक अन्य योजना है, जो ग्राम जान्हों में ही गुनू यादव की जमीन में डोभा निर्माणा की है. ये कार्य अभी नहीं हुआ है. डोभा का आकार 100 गुणा 100 फीट है. इसमें जमीन मालिक के कहने पर चार मजदूर कार्य कर रहे थे. उन मजदूरों के नाम हैं, दशा उरांव, सिमित्री देवी, मंजु देवी और आशा कुंवर. इनमें से किसी भी मजदूर के पास न जॉब कार्ड था और न ही कार्य स्थल पर मस्टर रॉल और न ही अन्य सुविधाएं. इस योजना में कार्यान्वयन एजेन्सी द्वारा किसी भी नरेगा मेट का नियुक्त नहीं किया गया है. निरीक्षण किये गये किसी भी योजना में बोर्ड नहीं लगाया गया है.
  • इसके अलावा जान्हों निवासी राजू ठाकुर ने प्रखंड प्रशासन से मिलकर फर्जी तरीके से 4 रोजगार कार्ड (001/17976, 001/555550, 001/56370, 001/22975) बनवा लिये हैं.

क्या कहते हैं नरेगा वांच के संयोजक जेम्स हेंरेज

लतेहार जिला में मनरेगा योजना में लूट यह स्पष्ट है करता है कि मनिका प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अन्य कर्मियों की संलिप्तता से मनरेगा कानून में निहित प्रावधानों का उल्लंघन किया जा रहा है. कानून होते हुए भी योजना की राशि का गबन, आम जनता के टैक्स के पैसे की बंदरबांट है. राज्य के मुखिया सीएम का जीरो टोलरेंस की बात कहना भी गलत सबित हो रहा है.

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