West Bengal

2025 तक रानीगंज कोल ब्लॉक क्षेत्र से मिथेन गैस का होगा उत्पादन

Sanktodia : ईसीएल के निदेशक तकनीकी संचालन बी वीरा रेड्डी ने कहा कि वर्ष 2025 तक रानीगंज कोल ब्लॉक क्षेत्र से मिथेन गैस का उत्पादन शुरू हो जायेगा. ईसीएल कमांड एरिया में कोल बीएड मिथेन (सीबीएम) के कमर्शियल डेवलपमेंट को लेकर कदम उठाये गये हैं. इसके लिए रानीगंज ब्लॉक अंतर्गत इस इको फ्रेंडली गैस को निकालने के लिए ईसीएल और सीएमपीडीआइएल 30 वर्षों का समझौता हो चुका है.

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जानकारी अनुसार सीएमपीडीआइ ने सीबीएम कार्य के लिए एजेंसी चयन के लिए ग्लोबल एनआइटी (नोटिस इनवाईटिंग टेंडर) डॉक्यूमेंट तैयार किया है. इसे लेकर बीते वर्ष नंबर 2019 में ठेकेदारों के साथ ईसीएल मुख्यालय में  एनआइटी की बैठक आयोजित की गयी थी. इस बैठक में 13 कम्पनियों के बोलीदाताओं ने भाग लिया था. इनमें आइओसीएल, प्रवा एनर्जी, ईएसएसएआर, अडानी, जेएमई माइनिंग, एसआरबी ग्रुप, गेन वेल, ग्रेका ड्रिलिंग, ईएक्स एमई बर्गर, एमए पीएल, वीएल आई आदि शामिल हुए.

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2.2 बिलियन घन मीटर गैस भंडार

ईसीएल के निदेशक तकनीकी संचालन बी वीरा रेड्डी ने बताया कि कोल बेड मिथेन एनवायरनमेंटल फ्रेंडली ईंधन है. इसका उपयोग उर्वरक प्लांटों, सीएनजी या टाउन सप्लाई में किया जाता है. रानीगंज ब्लॉक में इसके अन्वेषण और निष्कर्षण के लिए 57 वर्ग किलोमीटर जमीन की पहचान की गयी है. इस मामले में सीएमपीडीआइएल गाइडलाइन देगी. ईसीएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में इस सिद्धांत को अनुमोदित किया जा चुका है. इस क्षेत्र अंतर्गत अनुमानित 2.2 बिलियन घन मीटर गैस का भंडार बताया जाता है. पूर्ण जांच के बाद अगर उपयुक्त मात्रा में मीथेन गैस पायी जाती है तो 2024-25 तक इसका निष्कर्षण शुरू हो जायेगा. इस परियोजना की उम्र 25 वर्षों के करीब आंकी गयी है.

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