JharkhandRanchi

BJP सरकार ने किया था बंद, हम फिर से कर रहे शुरू, मेधावी छात्रों को देंगे सम्मान: हेमंत

Ranchi: शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को प्रोत्साहन राशि दिये जाने के निर्णय को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बड़ा फैसला बताया है. सीएम सोरेन ने कहा कि जब 2013 में उनकी सरकार थी, तो राज्य के मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने का काम होता था. लेकिन विगत पांच वर्षों में ऐसे होनहार छात्रों को कोई सम्मान नहीं मिल रहा था. अब एक बार फिर उनकी सरकार ने ऐसी मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा कि राज्य में जितने भी बच्चे झारखंड बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएससी में पढ़ाई कर रहे हैं, उसमें प्रथम, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाले छात्रों को प्रोत्साहन राशि के रूप में क्रमशः 3 लाख, 2 लाख और 1 लाख दिया जाएगा. साथ ही मैट्रिक में झारखंड बोर्ड में प्रथम तीन स्थान लाने वाले छात्रों को 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये से सरकार सम्मानित करेगी.

हेमंत ने कहा कि गठबंधन सरकार राज्य में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए हरसंभव काम कर रही है. इसी कड़ी में बुधवार की कैबिनेट बैठक में मदारसा शिक्षा के अनुदानों और शिक्षकों के बकाये वेतन पर फैसला लिया है. हेमंत सोरेन ने कहा कि ऐसा करने के पीछे राज्य के होनहार छात्रों को पढ़ाई में प्रोत्साहन करना है.

Catalyst IAS
ram janam hospital

 समय-समय पर बरतनी पड़ती है सख्ती

The Royal’s
Sanjeevani

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार के लाये नियमों और उनके उल्लंघन करने पर जुर्माने के सवाल पर सीएम ने कहा कि समय-समय पर सख्ती करने की आवश्यकता पड़ती है. बता दें कि अब सरकार की तरफ से बनाए गए नियम को तोड़ने पर  एक साल तक की सजा और दो लाख तक का जुर्माना होगा. इस नियम के तहत मास्क न लगाना, छह फीट का सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करना, सार्वजनिक जगहों पर थूकना, विवाह और दूसरे कार्यक्रमों में अनावश्यक रूप से भीड़ जमा करना आदि शामिल है.

पूर्व के LOGO का नहीं था कोई मायने 

नये लोगो ( LOGO ) को लेकर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि पूर्व में राज्य का जो चिह्न था, उसका कोई मायने नहीं था. किसी भी राज्य के पहचान के लिए LOGO एक बहुत बड़ी चीज होती है. राज्य चिह्न एक तरह से किसी राज्य का नामाकरण को दिखाता है. लेकिन पूर्व के चिह्न से नामाकरण ही नहीं हो पा रहा था. न ही इस पर पहले कभी विचार हुआ. इसी को देखकर हमलोगों ने यह निर्णय लिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button