न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पारा शिक्षकों ने कहा, सीएम करें वार्ता, तब ही बनेगी बात

 बीआरपी-सीआरपी 26-27 दिसंबर को घेरेंगे विधानसभा

1,535

Satya Prakash Prasad

Ranchi : सरकार द्वारा वार्ता के अपील के बाद भी पारा शिक्षकों के तेवर बरकरार है. पारा शिक्षक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वार्ता की मांग कर रहे हैं. वहीं पारा शिक्षकों के आंदोलन के बाद बीआरपी-सीआरपी भी विधानसभा घेराव करने में मूड में दिख रहे हैं. सूबे की शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने पारा शिक्षकों को 26 दिसंबर को हड़ताल तोड़ने के मुद्दे पर वार्ता के लिए बुलाया है.

पारा शिक्षकों ने सरकार के इस पहल का स्वागत किया है. लेकिन पारा शिक्षक मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में वार्ता करना चाहते हैं. पारा शिक्षक संघ के बजरंग प्रसाद ने कहा कि शिक्षा मंत्री एवं सचिव की अध्यक्षता में पारा शिक्षकों की कई बार वार्ता हो चुकी है. लेकिन परिणाम जस का तस रहा है, ऐसे में पारा शिक्षक संघ सरकार के पहल का स्वागत करते हुए वार्ता में मुख्यमंत्री की सहभागिता चाहता है. ताकि इस संदर्भ में मुख्यमंत्री सीधे रूप से पहल कर सकें.

पारा शिक्षकों के लिए बने नियमावली

पारा शिक्षकों ने सरकार के समक्ष यह मांग रखी है कि सरकार एक नियमावली बनाये ताकि उसके अुनरूप पारा शिक्षक स्कूलों में कार्य कर सकें. इस निमावली के तर्ज पर पारा शिक्षकों का वेतन तय किया जाये, ताकि उन्हें अन्य राज्यों के अनुरूप सुविधा मिल सके. पारा शिक्षक के नेता संजय दुबे ने कहा शिक्षा सचिव पारा शिक्षकों के प्रति अगर गंभीर हैं तो पहले जेटेट पास 13 हजार पारा शिक्षकों को स्थायी नौकरी प्रदान करें और अन्य पारा शिक्षकों के लिए पारा निमावली के अनुरूप वेतन प्रदान किया जाये. तभी सरकार के साथ वार्ता सकरात्मक रूप में जा सकती है.

सरकार मृत पारा शिक्षकों को दे 25 लाख रुपये की राशि

पारा शिक्षक संघ के बजरंग प्रसाद ने कहा कि झारखंड सरकार के दमनकारी नीति के कारण राज्य के 10 पारा शिक्षकों की जान गयी है. सरकार के साथ वार्ता के दौरान मृत पारा शिक्षकों के लिए संघ की ओर से 25 लाख रुपये की सहायता राशि इनके परिजनों को देने का मांग सरकार के समक्ष रखा जायेगा.

बीआरपी-सीआरपी महासंघ 26 दिसंबर को करेगा विधानसभा का घेराव

पारा शिक्षकों के आंदोलन के बाद अब बीआरपी-सीआरपी कर्मी आंदोलन के मूड में दिख रहे हैं. बीआरपी-सीआरपी को वेतनमान निर्धारण एवं अन्य राज्यों के तर्ज पर सुविधाओं की मांग को लेकर राज्य भर के हजारों बीआरपी सीआरपी 26 एवं 27 दिसंबर को विधानसभा का घेराव करेंगे.

महासंघ के अध्यक्ष पंकज शुक्ला एवं प्रवक्ता अमर खत्री ने संयुक्त रूप से कहा है कि महासंघ के चरणबद्ध आंदोलन के तहत 2 दिनों का विधानसभा घेराव किया जाएगा. इससे पूर्व 72 घंटों का सांकेतिक रूप से सरकार को अल्टीमेटम देने का कार्य संघ कर चुका है. विधानसभा घेराव के पश्चात भी अगर सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई तो बीआरपी-सीआरपी महासंघ लंबे आंदोलन को जाने को बाध्य होगा.

इसे भी पढ़ें : NW Breaking: IFS अफसरों की शाही पार्टी! पांच घंटे का कार्यक्रम और खाने का खर्च 34.31 लाख

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: