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ज्ञापन सौंप JMM ने कहा किसानों के प्रति संवेदनहीन है सरकार, हस्तक्षेप करें राज्यपाल

गिरती कानून व्यवस्था और सुखाड़ पर भी जताई चिंता

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Ranchi: धान की फसल में हुए नुकसान से किसानों की बिगड़ती हालात पर जेएमएम ने चिंता व्यक्त की है. इस संदर्भ मे पार्टी का एक प्रतिनिधी मंडल शुक्रवार को गवर्नर द्रौपदी मुर्मू से मिला और ज्ञापन सौंपा. इस दौरान राज्य की गिरती कानून व्यवस्था और सुखाड़ जैसे हालात पर भी राज्यपाल से पहल करने की मांग की है.

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नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पार्टी के विधायकों और नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को गवर्नर से मिला और एक मेमोरेंडम महामहिम राज्यपाल को सौंपा. ज्ञापन में असमय एवं अल्पवृष्टि से धान की फसल बर्बाद होने के लिए सरकार को जिम्मेवार बताते हुए पार्टी ने कहा है कि फसल नुकसान के बाद भी सरकार सजग नहीं है. वरना वह किसानों के हित का प्रयास करती. इस दौरान पार्टी सांसद विजय हांसदा, विधायक स्टीफन मरांडी, चमरा लिंडा, दशरथ गगराई, सीमा देवी, पार्टी उपाध्यक्ष चंपई सोरेन, महासचिव विनोद पांडे, सुप्रियो भट्टाचार्या सहित कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे.

क्राइम कैपिटल बनती रांची- हेमंत

राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य की राजधानी अब क्राइम कैपिटल बन गई है. हर दिन हत्या-लूट की घटनाओं से लोग दहशत में है. वही राज्य में सुखाड़ के हालात पर हेमंत ने कहा कि सूबे की प्रमुख विपक्षी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से इस मामले में पहल करने की मांग की है.

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प्रतिनिधियों ने दी थी जानकारी

ज्ञात हो कि गत 7 अक्टूबर को विधानसभा परिसर में आयोजित पार्टी के केंद्रीय समिति की बैठक में आए प्रतिनिधियों ने फसल बर्बाद की स्थिति की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि राज्य के कई जिलों में समय पर वर्षा नहीं होने के कारण धान की रोपनी नहीं हो सकी है. वही कई ज़िलों मे असमय वृष्टि के कारण खेत में लगी धान की फसल बर्बाद हो गई. ऐसे जिलों में दुमका, देवघर, हजारीबाग सर्वाधिक प्रभावित जिले है.

6 लाख हेक्टेयर मे नहीं लगी धान की बाली

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ज्ञापन सौंप पार्टी ने कहा है कि जहां धान फूटने के समय हुई कम बारिश के कारण सभी 24 जिलों की 40 % फसल बर्बाद हो गयी. वहीं 15.27 लाख हेक्टयर जमीन पर धान की खेती हुई, जिसमे 6 लाख हेक्टेयर मे धान की बाली ही नहीं लगी है.

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सरकार है लापरवाह और संवेदनहीन

पाटी नेताओं का कहना है कि धान की बाली नहीं आने का एक कारण सरकार द्वारा किसानों को उपलब्ध कराया गया खराब बीज भी है. हाल के दिन में रोजाना मीडिया में फसल की बर्बादी की खबर आती रहती है, लेकिन सरकार इस मामले में पूरी तरह लापरवाह एवं संवेदनहीन है. सबसे बड़ी बात ये है कि सरकार के पास फसलों की नुकसान का जिलावार आंकड़ा भी मौजूद नहीं है.

संवैधानिक प्रमुख हैं राज्यपाल, करें पहल

पार्टी ने ज्ञापन सौंप मांग की है कि संवैधानिक प्रमुख होने के नाते राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें. साथ ही सरकार को शीघ्र ही राहत कार्य शुरु करने का निर्देश दे.ताकि राज्य के किसी भी किसानों के समक्ष भूखमरी की समस्या पैदा ना हो सके.

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