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रांची में फॉर्मलिनयुक्त मछलियों की बिक्री पर रोक के लिए डीसी, नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

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  • आंध्र प्रदेश और बंगाल की मछलियों में पाया गया है केमिकल फॉर्मलिन
  • पटना नगर निगम क्षेत्र में लग चुका है बिक्री पर प्रतिबंध, बेचनेवाले को साल की सजा और 10 लाख का जुर्माना का किया गया है प्रावधान
  • सैंपल लेकर जांच करने की भाजपा नेता ने की मांग

Ranchi : भाजपा चुनाव आयोग संपर्क विभाग के सह-संयोजक सुधीर श्रीवास्तव ने राजधानी में बिक रही आंध्र प्रदेश और बंगाल की केमिकल फॉर्मलिनयुक्त मछलियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है. इसे लेकर शुक्रवार को उन्होंने रांची डीसी राय महिमापत रे और नगर आयुक्त मनोज कुमार को ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने कहा है कि जांच में इन जगहों की मछलियों में फॉर्मलिन की मात्रा अधिक पायी गयी है. ऐसी मछलियों को खाने से निमोनिया, कैंसर, हेपेटाइटिस जैसे रोग होने का खतरा बढ़ गया है. जरूरी है कि बिहार की तर्ज पर प्रशासन राजधानी रांची में भी ऐसी मछलियों की बिक्री पर रोक लगाये.

पटना में 15 दिनों के लिए लगा है प्रतिबंध, ताकि नमूने की जांच हो

भाजपा नेता ने बताया कि बिहार की राजधानी पटना में भी आंध्रा व बंगाल की मछलियों का सैंपल लेकर जांच की गयी थी. इसमें फॉर्मलिन की मात्रा मानक से ज्यादा पायी गयी थी. इसे देखते हुए बिहार सरकार ने अगले 15 दिनों के लिए पटना में इन मछलियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है. इन मछलियों का नमूना लेकर जांच करने का निर्देश दिया गया है. कहा गया है कि पटना नगर निगम क्षेत्र में कोई ऐसी मछली बेचते पकड़ा जाता है, तो उसे सात साल की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है.

रांची में ऐसी मछलियों की है मांग

भाजपा नेता ने कहा कि राजधानी रांची में भी इन मछलियों की मांग है. ऐसी मछलियां बिक्री के लिए आती रही हैं, जिससे खानेवाले लोगों के बीच उक्त बीमारी होने की संभावना बढ़ गयी है.

प्रशासन करे कार्रवाई, नहीं तो सरकार को दी जायेगी जानकारी

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से ऊपर कुछ भी नहीं है. ऐसे में जरूरी है कि पूरी राजधानी में आंध्र प्रदेश और बंगाल की मछलियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगायी जाये. साथ ही इन मछलियों के सैंपल लेकर जांच करवाने की पहल की जाये. अगर प्रशासन अपने स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं करता है, तो पूरे मामले की जानकारी सरकार को दी जायेगी.

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