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पत्रकारों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर राज्यपाल से मिले प्रेस क्लब के सदस्य, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग

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Ranchi : झारखंड स्थापना दिवस के दिन मीडियाकर्मियों पर हुए हमले की उच्च स्तरीय जांच कराने को लेकर रांची प्रेस क्लब का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मिला. प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश सिंह ने राज्यपाल को अवगत कराते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह स्थल पर मीडियाकर्मी समाचार संकलन में व्यसत थे. राज्य सरकार ने कार्यक्रम के कवरेज के लिए मीडिया को आंमत्रित किया था. लेकिन कवरेज कर रहे निहत्थे मीडियाकर्मियों पर बर्बर पुलिसिया लाठीचार्ज और उससे भी आगे जाकर कैमरा तोड़ने, तस्वीर डिलीट कराने की घटना को अंजाम दिया गया. इससे राज्य और देश के पत्रकारों में भारी आक्रोश है. राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने सभी बातों को ध्यान से सुना एवं मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया.

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प्रेस क्लब के सदस्यों ने राज्यपाल से की यह मांग

  • मीडियाकर्मियों पर लाठीचार्ज की घटना की उच्च स्तरीय जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से करायी जाये.
  • लाठीचार्ज करवाने के दोषी अधिकारियों तथा पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाये.
  • पत्रकारों की सुरक्षा के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून अविलंब झारखंड में लागू किया जाये.
  • यह सुनिश्चित किया जाये कि भविष्य में मीडियाकर्मियों को उनके कार्य करने से रोकने के लिए प्रशासनिक एवं पुलिसकर्मियों का दुरुपयोग न किया जाये.
  • लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया एवं मीडियाकर्मियों पर प्रशासनिक-पुलिसकर्मियों द्वारा लगातार हो रहे हमलों को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश निर्गत किए जायें, ताकि मीडिया कर्मी स्वतंत्र व भयमुक्त वातावरण में अपना कार्य कर सकें.

क्या हुआ था स्थापना दिवस के दिन

झारखंड का 18 स्थापना दिवस गुरुवार को राजधानी रांची के एतिहासिक मैदान मोराबादी में मनाया जा रहा था. एक ओर मुख्य समारोह का आयोजन हो रहा था तो दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर मोराबादी मैदान पहुंचे राज्य भर के पारा शिक्षक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. पारा शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन उग्र रूप लेने लगा और देखते-देखते जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया. समारोह में उपस्थित मीडियाकर्मी अपना काम करते हुए लाठीचार्ज की खबर का भी संकलन करने लगे. लेकिन यह रैफ के जवानों और पुलिस को नागवार गुजरा. उन्होंने मीडियाकर्मियों पर भी बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कर दिया. इसमें दर्जनों पत्रकार घायल हुए. वहीं कुछ मीडियाकर्मियों के कैमरे को भी तोड़ दिया गया एवं कैमरे से फोटो भी डीलिट करवाये गए.

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