JamshedpurJharkhand

Jamshedpur : बसंत टॉकीज के पास हनुमान मंदिर का निर्माण कराने को लेकर एसडीओ से मिले हिंदू उत्सव समिति और हिंदू जन जागरण मंच के सदस्य

Jamshedpur : जमशेदपुर के साकची बसंत टाकिज के सामने स्थित हनुमान मंदिर का निर्माण करवाने को लेकर हिंदू उत्सव समिति और हिंदू जन जागरण मंच एवं अन्य हिंदू संगठनों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीओ से मिला. प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी से अनुरोध किया कि उक्त हनुमान मंदिर के निर्माण में जो भी बाधाएं हैं उसे शीघ्र दूर करवाकर एक भव्य और सुंदर मंदिर का निर्माण करने की पहल की जाय. हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष रवि सिंह ने बताया है कि मंदिर सार्वजनिक होता है इसपर किसी एक व्यक्ति या एक गुट का कब्जा नहीं होना चाहिए. मंदिर का निर्माण समाज की सहभागिता से हो. उन्होंने कहा कि उक्त मंदिर पर एक गुट कब्जा करके इसकी आड़ में अपनी गैर कानूनी गतिविधियों को संचालित करना और संरक्षण प्राप्त करना चाहता है जो कि गलत है. प्रशासन इसपर हस्तक्षेप करे. हिंदुओं का सबसे बड़ा संगठन विश्व हिंदू परिषद है. उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर निर्माण में जो वर्तमान स्थिति बनी है ऐसे में विश्व हिंदू परिषद को मंदिर का निर्माण का जिम्मा दे दिया जाय या प्रशासन की देखरेख में स्थानीय लोगों की एक कमिटी बनाकर स्वच्छ वातावरण में मंदिर निर्माण का कार्य की पहल हो और जो कोई भी स्वेच्छा से इसमें अपनी सहभागिता देना चाहते हों वे इसमें सहयोग करें. इस तरह शीघ्र इन बाधाओं को दूर किया जाय और मंदिर का निर्माण किया जाय. वहीं हिंदू जन जागरण मंच के अध्यक्ष अमित शर्मा ने कहा कि तथाकथित मंदिर निर्माण की जो समिति है उसके एक सदस्य जो इसमें अपनी सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं उनपर चोरी और छिनताई जैसे कई मामले विभिन्न थानों में में चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि अनुमंडल पदाधिकारी को इसकी जाँच करवानी चाहिए ताकि तथाकथित मंदिर निर्माण करवाने और इसके संरक्षण में गैरकानूनी गतिविधियों को संचालित करने का षडयंत्र उजागर हो सके. मंदिर का निर्माण हर हाल में हो लेकिन किसी एक गुट का इसमें कब्जा न हो. वहीं इस गुट के द्वारा वहाँ स्थित पीपल वृक्ष को मार देने का भी षडयंत्र किया जा रहा है ताकि उसे काट दिया जाय। पीपल वृक्ष हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इससे धार्मिक भावनाएं जुड़ी हुई हैं, जिसे दूसरे पक्ष के लोग अपने फायदे के लिए काट देना चाहते हैं.

 

Related Articles

Back to top button