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मेडिटेशन से बनायें जिंदगी को जिंदादिल, खूबसूरती का भी राज है मेडिटेशन : डॉ अनुराधा पालटा

हमारे साधु-संत भी मेडिटेशन यानी ध्यान लगाया करते थे और अपनी मनोकामना पूरी कर लेते थे.

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Sweta kumari

Ranchi :आज के दौर में जिंदगी को जिंदादिल बनाने के लिए दो पल का सुकून अहम है. लोगबाग यही चाहते हैं कि दो पल सुकून से गुजरें.  दिनभर की व्यस्तता के बीच रात कैसे गुजरती है, यह पता ही नहीं चलता. अहले सुबह से ही भागदौड़ का आलम शुरू हो जाता है. इन सबके बीच इतनी जद्दोजहद होती है कि जीवन बोझिल लगता है और हम जाने-अनजाने कितनी बीमारियों के शिकार भी हो जाते हैं. तनावग्रस्त जीवन को मधुर बनाने और खुद को स्वस्थ रखने के लिए कितने भी उपाय कर लें, मगर राहत नहीं मिल पाती है. जीवन से तनाव कम करने के लिए जरूरी है कि हम कुछ ऐसे उपाय अपनायें, जो हम आसानी से और हर जगह करके कुछ राहत पा सकें.

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ऐसे ही उपायों में से एक है मेडिटेशन. हालांकि यह कोई नयी चीज नहीं है, हमारे साधु-संत भी मेडिटेशन, यानी ध्यान लगाया करते थे और अपनी मनोकामना पूरी कर लेते थे. मेडिटेशन बिना दवा और खर्च के ही सारी बीमारियों का इलाज करता है और तनाव से भी मुक्ति मिल जाती है.

मेडिटेशन क्या है और इसके क्या फायदे हैं, यह जानने के लिए न्यूज विंग ने बात की डॉ अनुराधा पालटा से. डॉ अनुराधा पालटा किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं. शालीन और सरल स्वभाव की यह लेखिका जीवन में आनेवाले उतार-चढ़ाव को बड़ी ही आसानी से मेडिटेशन के जरिये सामान्य करने के नुस्खे बता रही हैं. पेश हैं लेखिका से बातचीत के मुख्य अंश.

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प्रश्न – मेडिटेशन क्या है और आपने अपनी किताब के जरिये लोगों को क्या संदेश दिया है?

उत्तर – मेडिटेशन पर मैंने अपनी पहली किताब Meditation And Quality Of Life : A Clinical Insight For Beginners लिखी है. इस किताब में मेडिटेशन के काफी फायदे बताये गये हैं, जो हर उम्र के के लोग कर सकते हैं और वह उनके लिए बेहद फायदेमंद है. अपनी इस किताब के जरिये मैंने यह बताया है कि आप मेडिटेशन कहीं भी और किसी भी काम को करने के दौरान कर सकते हैं. चाहे वह घर में खाना बनाने से लेकर कार ड्राइव करना हो या फिर जॉगिंग से लेकर एक्सरसाइज करना ही क्यों न हो. ऐसा कोई भी काम जो आप कर रहे हों, उसे एकाग्र मन से करने पर वह भी एक तरह का मेडिटेशन ही है.

प्रश्न – आपको मेडिटेशन पर किताब लिखने की प्रेरणा कहां से मिली  और आपने इसकी पढ़ाई  कहां से की?

उत्तर – मुझे मेडिटेशन करना शुरू से ही पसंद था. लेकिन, काम की व्यस्तता और घर की जिम्मेदारियों के बीच यह हर दिन नहीं हो पाता था. लेकिन साल 2000 में मैंने ठाना कि इसे अब अपनी व्यस्तताओं के बीच भी समय निकालकर लगातार करूंगी. फिर मैंने मेडिटेशन घर पर ही शुरू किया और इसका काफी फायदा मुझे होने लगा. इसका असर मेरी जिंदगी और गृहस्थी पर भी काफी गहरा होने लगा. मैं खुद को तनावमुक्त महसूस करने लगी, चीजों को देखने का नजरिया भी बदला. साथ ही खुद में एक अलग सा बदलाव महसूस होने लगा. खुद को बेहद खूबसूरत और खुद के प्रति कर्तव्यनिष्ठ महसूस करने लगी.

लेखिका बताती हैं कि – मैंने साइकोलॉजी से अपनी पीजी की पढ़ाई की थी. फिर साल 2000 में मेडिटेशन शुरू करने के बाद 2003-04 तक मैं मेडिटेशन करती ही रही. इसके फायदे मुझे होने लगे, तो मैंने निश्चय किया कि अपनी PhD पूरी करूंगी. रांची यूनिवर्सिटी से साल 2003-2009 में अपनी PhD की पढ़ाई पूरी कर ली. इस दौरान मैंने मेडिटेशन पर काफी रिसर्च किया. दो किस्म के मेडिटेशन सहजयोगा ध्यान और विपास्सना ध्यान पर रिसर्च किया. फिर मैंने किताब भी लिखी. लेकिन, मेडिटेशन के लगातार करने से इसके फायदे मुझपर बढ़ते गये.

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प्रश्न – क्या आपकी खूबसूरती का राज भी मेडिटेशन है?

उत्तर- (जोर से हंसते हुए) कह सकते हैं, क्योंकि अमूमन तनाव में लगातार रहने से किसी के चेहरे पर उम्र का असर वक्त से पहले दिखने लगता है. लेकिन, मेडिटेशन के लगातार करने से न सिर्फ तन सुंदर बनता है, बल्कि मन में भी अंदरूनी सुंदरता आती है. जब मन खुश रहेगा, तो सबकुछ अच्छा होगा.

प्रश्न – मेडिटेशन के क्या फायदे हैं और शरीर पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर – मेडिटेशन एक ऐसी क्रिया है, जिसे अगर लगातार किया जाये, तो लोग मल्टीटास्कर हो सकते हैं. लोग इंटरनल स्ट्रेस से बाहर आ सकते हैं. फिजिकली, मेंटली और इमोशनली खुद को फिट महसूस करते हैं. साथ ही क्वालिटी लाइफ और उसको इम्प्रूव  करना और उसका एनालिसिस करना भी इसके अंतर्गत आता है. अभी का वक्त ऐसा है कि हर उम्र में लोग बीमारी की चपेट में हैं और दवाओं के प्रयोग से परेशान हैं. तो मेडिटेशन एक ऐसा इलाज है, जो लोगों को कई बीमारियों से बचाता है और दवाओं के इस्तेमाल से भी दूर कर देता है.

विदेशों में इसे माइंडफुलनेस के नाम भी जाना जाता है, जिसका मतलब यह है कि इस क्रिया के माध्यम से आप कैसे अपने मन को एकाग्र कर सकते हैं और खुशियों भरा जीवन बिता सकते हैं.

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प्रश्न – आसानी से और कम समय में सबसे आसान तरीका क्या है मेडिटेशन का?

उत्तर- मेडिटेशन करने के लिए सबसे आसान तरीका खुद पर एकाग्र करना है. दिनभर में में आप खुद के लिए सिर्फ 10-20 मिनट ही निकाल लें और सिर्फ घर के शांत स्थान पर सिर्फ अपनी श्वांस पर ध्यान लगायें, तो वही आपको बहुत फायदा पहुंचायेगा. लेकिन, सुबह के 4-6 बजे और शाम के 6-8 बजे का वक्त मेडिटेशन के लिए बेहद फायदेमंद है. साथ ही, अगर हर काम जो हम अपनी दिनचर्या में करते हैं और अगर उस पर ध्यान लगायें, तो वह भी एक तरह का मेडिटेशन है.

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प्रश्न – लोग आपके बताये उपाय को कैसे जानें और कैसे देखें?

उत्तर – वैसे तो कई तरह के अवेयरनेस प्रोग्राम चलाये जाते हैं, लेकिन मेरी वेबसाइट www.parivartanweb.com  के जरिये भी मैं लोगों को अवेयर कर रही हूं. साथ ही वेबसाइट पर मेरे द्वारा चलाये जा रहे वर्कशॉप के बारे जानकारी ली जा सकती है. मेरे वर्कशॉप के जरिये लोगों को मैं पर्सनालिटी डेवलेपमेंट, स्किल डेवलपमेंट, क्वालिटी ऑफ वर्क एंड लाइफ एनालिसिस के अलावा एवेयरनेस प्रोग्राम के बारे में बता रही हूं, ताकि लोग खुद को फिट एंड फाइन बना सकें. वर्कशॉप के जरिये लोगों की जिंदगी को तनावमुक्त और खूबसूरत बनाने के तरीके भी बता रही हूं, जिससे आपकी जिंदगी खूबसूरत होगी, तो आप भी खूबसूरत होंगी और जीने का मजा भी दोगुना हो जायेगा.

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