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मनरेगा के पैसे से खरीदा मेडिकल किट: 5 लाख का गलत तरीके से कराया भुगतान, फंसे पलामू के BDO, वेतनवृद्धि पर लगी रोक

Special correspondent

Ranchi: मनरेगा योजना में अनियमितता करते हुए लाखों की राशि गलत तरीके से भुगतान करने के मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी व तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी हुसैनाबाद, पलामू शेखर कुमार को दंडित किया गया है. उनकी दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोक दी गयी है. इस संबंध में कार्मिक विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. शेखर कुमार ने मनरेगा योजना से 3221 मेडिकल किट आपूर्ति का आदेश दिया था, जबकि उनके पद पर रहते हुए ही मात्र 1300 किट की ही आपूर्ति हो पाया, जिसका वितरण भी किया गया. यह बात सामने आयी कि आरोपी पदाधिकारी शेखर कुमार के द्वारा पूरे 3221 किट का 250 रुपये प्रति किट की दर से 8,05,250 रुपये का भुगतान कर दिया गया.

शेखर कुमार के बीडीओ के पद से हटने के बाद उनके स्थान पर तत्कालीन बीडीओ लक्ष्मी नारायण किशोर पदस्थापित हुए उन्होंने खरीदे गये किट की जांच करायी. जांच यह बात भी पकड़ में आयी कि एक किट में 11 अव्यय के स्थान पर सिर्फ 10 अव्यय ही है, जिसका मूल्यांकन करने के बाद उसकी कुल कीमत 215 ही होता है. ऐसे में 1300 किट की कीमत 2,80,137 रुपये ही होता है.

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जबकि उक्त पदाधिकारी ने 5,25,113 रुपये अधिक राशि देते हुए 8.05 लाख का भुगतान किया. 2019 में ही पूरे मामले को तत्कालीन उपायुक्त पलामू ने गंभीरता से लिया और आरोपी पदाधिकारी पर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी.

कार्मिक विभाग ने मामले की जांच की और आरोपी पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछा. उक्त अधिकारी ने कहा कि 1300 किट की राशि भुगतान के बाद शेष 1921 किट का आपूर्ति उनके ट्रांसफर के बाद बीडीओ लक्ष्मी नारयण किशोर के समय हुई.

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विभाग ने इसे गंभीरता से लिया पूरे मामले की जांच हुई और यह भी कहा सामाग्री के आपूर्ति बिना ही राशि का भुगतान करना मनरेगा एक्ट का भी उल्लघन है. यह बात भी सामने आयी कि उक्त बीडीओ ने बिना सामग्री के आपूर्ति के ही 10 लाख का एफटीओ सृजित किया गया.

इस मामले में जब अधिकारी से पूछताछ हुई तो उन्होंने कहा कि भूलवश ऐसा हुआ है, जिसे क्षमा किया जा सकता है, हालांकि राज्य सरकार इस जवाब से असंतुष्ट होते हुए अधिकारी पर कार्रवाई की है.

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