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मेडिकल काउंसलिंग : कोचिंग वाले बिना इजाजत पोस्टर-बैनर से स्टूडेंट्स को दिखा रहे थे अपनी ‘रेप्युटेशन’, अधिकारियों ने ‘उतार दी’

-मेडिकल काउंसलिंग में कोचिंग संस्थान कर रहे हैं दुकानदारी, अधिकारियों ने संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा- अगली बार ऐसा किया, तो होगी एफआईआर

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Satyaprakash Prasad
Ranchi : झारंखड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगित परीक्षा पर्षद (जेसीईसीईबी) द्वारा एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में एडमिशन के लिए काउंसलिंग का आयोजन नामकुम स्थित एसबीटीई कार्यालय में किया जा रहा है. फर्स्ट काउंसलिंग का अंतिम दिन बुधवार को समाप्त हो गया. दो दिनों तक चले इस काउंसलिंग के दौरान राजधानी के नामी कोचिंग संस्थानों ने जमकर दुकानदारी की. साथ ही, जेसीईसीईबी के नियमों को ताक पर रखकर काउंसलिंग स्थल पर बैनर और पोस्टर के साथ बच्चों को कोचिंग संस्थानों में एडमिशन लेने के लिए लुभाते रहे. बुधवार को जैसे ही अधिकारियों को कोचिंग संस्थानों के इस खेल की जानकारी काउंसलिंग के दौरान न्यूज विंग के माध्यम से मिली, तो आनन-फानन में अधिकारियों ने पुलिस फोर्स के माध्यम से कोचिंग संस्थानों के बैनर-पोस्टर को जब्त कर लिया. साथ ही, अधिकारियों ने कोचिंग संचालकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगली बार से इन कोचिंग संचालकों के खिलाफ बोर्ड की ओर से एफआईआर दर्ज की जायेगी।

मेडिकल काउंसलिंग : कोचिंग वाले बिना इजाजत पोस्टर-बैनर से स्टूडेंट्स को दिखा रहे थे अपनी ‘रेप्युटेशन’, अधिकारियों ने ‘उतार दी’
काउंसलिंग स्थल पर कोचिंग संस्थान का यूं होता रहा प्रचार-प्रसार.

काउंसलिंग स्थल पर प्रचार-प्रसार की है मनाही

एसबीटीई के निदेशक सुरेंद्र कुमार ने न्यूज विंग को बताया कि कोचिंग संस्थानों को किसी भी हाल में काउंसलिंग स्थल पर प्रचार-प्रसार की मनाही है. इसके लिए पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था. जिन कोचिंग संस्थानों के बैनर और पोस्टर बोर्ड ने जब्त किये हैं, उन पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जायेगी.

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क्या है मामला

मेडिकल काउंसलिंग के पहले दिन मंगलवार को कोचिंग संस्थान अपनी दुकानदारी करने के लिए अभिभावकों को लुभाते दिखे. बायोमी के संचालक पंकज सिंह अपनी पूरी टीम के साथ काउंसलिंग स्थल पर अभिभावकों को रिझाने में लगे रहे. पहले दिन की ही काउंसलिंग में एमबीबीएस और बीडीएस की सभी सीटें समान्य वर्ग के लिए फुल हो गयीं. इसके बाद पंकज सिंह अभिभावकों को अन्य तरह के टिप्स वहां देने लेगे और उन्हें अपने संस्थान का बैनर और पोस्टर वहां बांटने लगे, जो कि नियमों को खिलाफ था. अधिकारियों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, अधिकारियों ने उन्हें कैंपस से दूर जाने को कहा. इसके बाद वे वहां से चले गये. बुधवार को एक समाचारपत्र में छपी खबर के नीचे अपने संस्थान का नाम डालकर काउंसलिंग स्थल पर पंफलेट वितरण कराने लगे. इसकी सूचना मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी कोचिंग संस्थनों के बैनर और पोस्टर जब्त कर लिये. दीपशिखा कोचिंग सेंटर, बायोमी मेडिकल कोचिंग सेंटर, श्री चैतन्या कोचिंग सेंटर जैसे संस्थानों के बैनर और पोस्टर जब्त किये गये हैं.

काउंसलिंग स्थल पर पंफलेट बांट रहे थे कोचिंग सेंटर वाले.

 

मेडिकल काउंसलिंग : कोचिंग वाले बिना इजाजत पोस्टर-बैनर से स्टूडेंट्स को दिखा रहे थे अपनी ‘रेप्युटेशन’, अधिकारियों ने ‘उतार दी’
स्टूडेंट्स के बीच बांटा गया श्री चैतन्या कोचिंग सेंटर का पंफलेट.

काउंसलिंग में एससी-एसटी सीटें खाली

मेडिकल काउसलिंग में बुधवार को एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के लिए सामान्य वर्ग की सभी सीटें प्रथम काउंसलिंग में भर गयीं. वहीं, कुछ कॉलेजों में एससी-एसटी उम्मीदवारों की सीटें खाली रह गयीं, जो संभवत: दूसरे राउंड में बोर्ड की काउंसलिंग में भर ली जायेंगी. ज्ञात हो कि एमबीबीएस की 247 सीट और बीडीएस की 296 सीटों पर नीट के स्कोर के अधार पर झारखंड में काउंसलिंग की जा रही है.

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बोर्ड ने राज्य के सभी जिलों को लिखा पत्र, 15 दिनों में सत्यापित करें छात्रों के प्रमाणपत्र

काउंसलिंग के दौरान आवासीय प्रमाणपत्र के विवाद को ध्यान में रखते हुए एसबीटीई के निदेशक सुरेंद्र कुमार ने राज्य के सभी जिलों के डीसी और एसडीओ को पत्र लिखा है कि वे इन स्टूडेंट्स के जाति एवं आवासीय प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर 15 दिनों के अंदर बोर्ड को रिपोर्ट दें, ताकि सही स्टूडेंट्स को एडमिशन मिल सके. गलत प्रमाणपत्र के पाये जाने पर उस जिले के डीसी और एसडीओ रिस्पॉन्सिबल होंगे.

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