न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राज्य सरकार के कर्मियों को मिलनेवाला चिकित्सा भत्ता समाप्त होगा, हेल्थ इंश्योरेंस करायेगी सरकार

950

Ranchi: राज्य सरकार के सभी कर्मियों को मिलनेवाला चिकित्सा भत्ता और मेडिकल क्षतिपूर्ति को समाप्त कर दिया जायेगा. बदले में अधिकतम छह हजार के सालाना प्रीमियम पर हेल्थ इंश्योरेंस दिया जायेगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बीमा कंपनियों के चयन के लिए आवश्यक ड्राफ्ट तैयार कर लिया है. इस पर मुख्य सचिव से चर्चा और उनके अनुमोदन के बाद कंपनी के चयन प्रक्रिया चालू कर दी जायेगी. सेवानिवृत्त पदाधिकारी या कर्मी इसका लाभ लेना चाहेंगे तो वे भी प्रीमियम का भुगतान कर इसका लाभ ले सकेंगे.

इसे भी पढ़ें – मामला BJP MP समीर उरांव के भाई की जमीन खरीद का, LRDC मनोज रंजन व सीओ वंदना भारती की भूमिका संदिग्ध

पत्नी, माता-पिता और दो बच्चों को मिलेगा बीमा का लाभ

राज्य सरकार द्वारा कराये जा रहे बीमा से सरकार के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को काफी लाभ होगा. इसके अलावा कर्मियों की पत्नी, दो बच्चों और उनके आश्रित माता-पिता को मिलेगा. बीमा कंपनियों को प्रीमियम का भुगतान संबंधित प्रशासी विभाग द्वारा किया जायेगा. इससे पहले सभी कर्मचारियों को मिलनेवाला चिकित्सा भत्ता और मेडिकल क्षतिपूर्ति समाप्त कर दिया जायेगा.

इसे भी पढ़ें – छेड़खानी को लेकर अमेटी यूनिवर्सिटी के छात्र व स्थानीय युवकों में मारपीट, कई घायल

किस ग्रेड पे वाले को कौन सी सुविधा

  • 1300 से 4600 ग्रेड पे वाले कर्मी जेनरल वार्ड
  • 4800 से 7600 ग्रेड पे वाले कर्मचारी प्राइवेट वार्ड
  • 8700 से 10,000 ग्रेड पे वाले पदाधिकारी डीलक्स या स्पेशल रूम में इलाज के लिए हकदार होंगे
SMILE

बीमा कंपनियों का पैनल तैयार होगा

चिकित्सा पर बीमित राशि से अधिक खर्च होता है तो शेष राशि का भुगतान निदेशक प्रमुख-स्वास्थ्य सेवाएं की सहमति से किया जायेगा. खुली निविदा से बीमा कंपनियों का चयन कर एक पैनल तैयार करेगा. सभी प्रशासी विभाग इस पैनल में चिह्नित बीमा कंपनियों में से किसी एक कंपनी के साथ अपने कर्मियों के स्वास्थ्य बीमा के लिए करार करेंगे.

अर्नेस्ट एंड यंग है एडवाइजर

राज्य सरकार द्वारा कराये जानेवाले इस बीमा के तहत दवा, सभी प्रकार के डायग्नोस्टिक, ऑपरेशन के अलावा अन्य तरह की सुविधा निशुल्क दी जायेगी. बीमा कंपनी के चयन तथा आरएफपी तैयार करने के लिए एडवाइजर के तौर पर अर्नेस्ट एंड यंग का चयन किया गया था. अर्नेस्ट एंड यंग ने विभाग के पदाधिकारियों की देखरेख में आरएफपी तैयार किया है.

इसे भी पढ़ें – बकोरिया कांड : भेलवाघाटी में सीबीआइ का डेमो शुरू होते ही होने लगी बारिश

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: