Khas-KhabarOpinion

“मीटू” आरोप तब नहीं लगता जब घटना होती है, तब लगता है जब किसी को निपटाना होता है

विज्ञापन

Girish Malviya

तो बॉलीवुड में फिर एक बार मीटू का जिन्न लौटकर आ गया. एक्ट्रेस पायल घोष ने मशहूर फ़िल्म निर्माता अनुराग कश्यप पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. पायल का कहना है कि अनुराग ने उनके साथ जबरदस्ती की. अनुराग ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा हैः “अभी तो बहुत आक्रमण होने वाले हैं. यह बस शुरुआत है.”

दरअसल, इस तरह के आरोप एक टूल की तरह इस्तेमाल किये जाते हैं. वर्ष 2018 का मीटू मूवमेंट भी कुछ ऐसा ही था. बस ऐसा होता है कि कुछ लोगों का मीटू से बड़ा नुकसान होता है और कुछ लोगों का इससे बड़ा फायदा भी होता है.

advt

अनुराग कश्यप की एक फ़िल्म कंपनी हुआ करती थी. वर्ष 2018 में उसे बंद कर दिया गया. वह थी “फ़ से फैंटम.” याद होगा बहुत से लोगों को. इस कंपनी में चार पार्टनर थे- अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटवानी, विकास बहल और मधु मंतेना.

इसे भी पढ़ें – सुशांत सिंह सुसाइड केस: द अनटोल्ड स्टोरी

इस कंपनी को क्यों बंद किया गया जानते हैं आप? दरअसल इसके एक पार्टनर विकास बहल, जिन्होंने कंगना को लेकर क्वीन जैसी फ़िल्म बनायी थी, उनपर एक लड़की ने मीटू टाइप का इल्जाम लगाया. बाद में कंगना ने भी विकास बहल पर छेड़छाड़ का इल्जाम लगाया था.

अनुराग कश्यप ने बाद में अपनी ट्वीट में बताया था कि भले ही वह फैंटम में एक पार्टनर थे, लेकिन उनके पास विकास को हटाने की ताकत नहीं थी.

adv

अनुराग ने उस वक्त लिखा थाः “जब महिला क्रू मेंबर के साथ हुई घटना के बारे में उन्हें पता चला तो उन्होंने लीगल टीम को इस बारे में बताया, जिसने उन्हें कहा कि इस मामले में वह ज्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं.” अनुराग ने कहा कि फिर भी उनसे जितना हो सका उन्होंने विकास के खिलाफ कंपनी को एक्शन लेने को मजबूर किया. हमने विकास को सस्पेंड किया. बाद में उन्होंने यह कंपनी ही बंद कर दी. सब अलग-अलग हो गये.

“मीटू” आरोप तब नहीं लगते जब घटना होती है, तब लगते हैं जब किसी को निपटाने होते हैं
एक्ट्रेस पायल घोष ने मशहूर फ़िल्म निर्माता अनुराग कश्यप पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. पायल का कहना है कि अनुराग ने उनके साथ जबरदस्ती की.

विकास बहल ने उस वक्त अपने पूर्व साथियों अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवानी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कर दिया. सेक्शुअल हैरसमेंट के आरोपों के बाद विकास बहल और फैंटम फिल्म्स से अलग हो गये थे.

लेकिन जैसा कि कहा कि कुछ लोगों को मीटू से फायदा भी होता है.

सुशांत की आत्महत्या के शायद दो दिन बाद मैंने एक लेख लिखा था. “सुशांत सिंह सुसाइड केस : द अनटोल्ड स्टोरी.” उस लेख में मैंने यह लिखा था कि सुशांत की सारी परेशानियों की शुरूआत मीटू अभियान से शुरू हुई. खुद सुशांत भी मीटू में फंसे हुए थे. उनपर दिल बेचारा की नवोदित हीरोइन ने भी आरोप लगाया था.

अनिर्बन दास ब्लाह ने भी मीटू के चलते आत्महत्या की कोशिश की थी. अनिर्बन दास ब्लाह बॉलीवुड की नंबर वन सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता थे.
अनिर्बन दास ब्लाह ने भी मीटू के चलते आत्महत्या की कोशिश की थी. अनिर्बन दास ब्लाह बॉलीवुड की नंबर वन सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता थे.

सुशांत से 2 साल पहले अनिर्बन दास ब्लाह ने भी मीटू के चलते आत्महत्या की कोशिश की थी. अनिर्बन दास ब्लाह बॉलीवुड की नंबर वन सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य कर्ताधर्ता थे. उस सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी का नाम क्वान एंटरटेनमेंट है. क्वान एंटरटेनमेंट भारत की सबसे बड़ी सेलिब्रिटी मैनेजमेंट फर्मों में शुमार की जाती है. इसके क्लाइंट की लिस्ट में रणबीर कपूर, दीपिका पादुकोण, ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ, सोनम कपूर, श्रद्धा कपूर और जैकलिन फर्नांडीज जैसे चर्चित फिल्मी सितारे शामिल हैं.

 

देश की सबसे सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी क्वान एंटरटेनमेंट लगभग सवा सौ से भी अधिक सेलेब्रिटीज़ का काम देखती है, जो टीवी और फिल्म इंडस्ट्री के सितारे हैं. अर्निबान ब्लाह ने मधु मोन्टेना और अन्य पार्टनर्स के साथ KWAN इंटरटेनमेंट की स्थापना की थी. ब्लाह और उनकी टीम ने एक ऐसे समूह में निर्माण किया, जो सालाना कारोबार में 500 मिलियन यानी लगभग 3,404 करोड़ से अधिक का बिजनेस करती है. उसकी टीम न केवल अभिनेता, बल्कि निर्देशक, लेखक और संगीतकार भी हैं. बल्कि वह ब्रांड मैनेजमेंट से भी जुड़ी हैं. उसके अन्य वर्टिकल में टीवी और वेब कंटेंट, प्रोडक्ट प्लेसमेंट, लाइव प्रोग्रामिंग, ब्रांड पोजिशनिंग और मार्केटिंग एडवाइजरी, स्पोर्ट्स टीम फ्रैंचाइज़ी मैनेजमेंट और, हाल ही में, फैशन रिटेल भी शामिल हैं.

तनुश्री दत्ता
तनुश्री दत्ता ने पिछले साल एक्टर नाना पाटेकर के खिलाफ एक पुराने मामले में छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए बॉलीवुड में मीटू अभियान की शुरुआत की थी.

अर्निबान वर्ष 2018 की शुरुआत तक क्वान में टॉप पर थे. लेकिन उनका पराभव मीटू के कारण हुआ. जो वर्ष 2018 के आखिरी महीनों में सामने आया. अर्निबान पर चार महिलाओं ने सेक्सुअल हैरसमेंट का आरोप लगाया था.

इसके बाद खबर आयी कि ब्‍लाह ने खुदकुशी करने की कोशिश की. लेकिन पुलिस द्वारा बचा लिये गये. हालांकि  मीटू मूवमेंट में फंसने के बाद उन्हें क्वान कंपनी से रफा-दफा कर दिया गया और उन्हें इस्तीफा देकर कंपनी छोड़नी पड़ी.

कंपनी की बागडोर संभाली मधु मंतेना ने, जो अनुराग कश्यप की कंपनी फैंटम फिल्म में भी साझीदार थे. हालांकि वे पहले से ही क्वान से जुड़े हुए थे, लेकिन उनके रास्ते का एक बड़ा कांटा साफ हो गया.

मीटू ने अर्निबान को तबाह कर दिया और मधु मंतेना का क्वान पर टोटल कंट्रोल स्थापित कर दिया. मीटू ने यही काम पत्रकारिता में भी किया बहुत से पत्रकार जो उस वक्त अच्छा काम कर रहे थे, उनका कैरियर तबाह हो गया.

दरअसल, इस तरह के यौन शोषण के आरोप तब नहीं लगाए जाते जब यह घटना होती है. यह तब लगाये जाते हैं, जब किसी को निपटाने की जरूरत होती है.

डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं.

 

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button