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मैं भी हूं सिंगल मदर्स/वूमेन

NW Desk : अगर आप भी एक सिंगल मदर या सिंगल वूमेन हैं, तो जुड़ें हमारे फेसबुक पेज  से. पुरुषवादी समाज में आपको किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा. कैसे आपको हिकारत की नजर से देखा गया. किस तरह अक्सर आपको गलत बताने ठहराने की कोशिश की जाती है. कैसे आपको घर, आफिस या पार्टी-फंक्शन में अलग नजर से देखा गया. इन परिस्थितियों में भी आपने हिम्मत नहीं हारीं. कैसे आपने अपनी समस्याओं का समाधान निकाला. या कैसे आपने इन परिस्थितियों का सामना करना सीखा. हमें बतायें. देश में कई ऐसी सिंगल मदर्स या वूमेन हैं, जो अपने अनुभवों को शेयर करना चाहती हैं.

हमारे ही बीच कई ऐसी सिंगल महिलाएं हैं, जिन्होंने अपनी इस कमजोरी को ताकत की तरह इस्तेमाल किया और आज उनका अनुसरण करने के लिए दुनिया बाध्य है.

लेकिन आपकी मन की बात को सुनने वाला नहीं. कोई ऐसा मंच नहीं जहां आप अपनी बातों को साझा कर सकें. अपना दर्द लोगों को समझा सकें. आप परिवार से, समाज से, सहकर्मियों से क्या चाहती हैं. हमसे साझा करें. न्यूज विंग को बतायें. हम उसे प्रकाशित करेंगे.

अपने अनुभव लिखने के लिए यहां क्लिक करें 

हमारे ही बीच कई ऐसी महिलाएं हैं, जिन्होंने सिंगल होने के सामाजिक तिरस्कार का न सिर्फ सामना किया, बल्कि उनके बीच से ही सफलता की नई राहें ढूंढ निकाली. कामयाबी की नई इबारतें लिखीं. तो ऐसी ही सारी बातें आप हमें लिखें.

वे, जिनको लगता हैं, सिंगल मदर या वूमेन होना, अभिशाप है, सजा हैं- उनको आपकी कहानी नयी रौशनी और हौंसला दे. और उन्हें लगे कि वे अकेली नहीं है. उनका साथ देने और उनके साथ कंधा मिलाने वाली महिलाओं की एक पूरी जमात मौजूद है. जो उनके ही आसपास, उनकी पहुंच में और उन्हीं के बीच से है.

… तो उठाइये कलम  और लिख डालिये अपनी कहानी. हम प्रतीक्षा में हैं.

Note : आपकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जायेगी… आप अपने अनुभव हमें email  या inbox कर सकती हैं.

email us : editor@newswing.com

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