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किडनैपर्स के चंगुल से आजाद हुए रातू के मो आजाद, बोले- पुलिस कुछ देर और नहीं पहुंचती, तो किडनैपर्स मेरी हत्या कर देते

  • रंगदारी नहीं देने पर 23 अक्टूबर को किडनैप कर लिया गया था ईंट भट्ठा मालिक मो आजाद को

Ranchi : “अगर पुलिस कुछ देर और नहीं पहुंचती, तो किडनैपर्स मेरी हत्या कर देते. मैं खुदा और पुलिस का शुक्रगुजार हूं कि मेरी जान बच गयी.” जब मो आजाद को पुलिस ने किडनैपर्स के चंगुल से सकुशल आजाद कराया, तो उनके मुंह से यही शब्द निकले. मामला रातू थाना क्षेत्र का है, जहां के कनौज गांव से ईंट भट्ठा के मालिक मो आजाद को छह दिन पहले किडनैप कर लिया गया था. पुलिस ने इस मामले में आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.

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25 लाख की मांगी गयी थी रंगदारी, नहीं देने पर कर लिया था किडनैप

मो आजाद रातू के कनौज गांव के रहनेवाले हैं. ईंट भट्ठा के मालिक हैं. सो, रंगदारों के रडार पर थे. मो आजाद के मुताबिक, कुछ दिनों पहले उन्हें फोन कर उनसे 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गयी. रंगदारी नहीं देने पर अंजाम भुगत लेने की धमकी भी दी गयी. मो आजाद ने रातू थाना की पुलिस से इसकी शिकायत कर दी. मो आजाद ने रंगदारी नहीं दी. इधर, पुलिस दुर्गापूजा की ड्यूटी में बिजी हो गयी और उधर, रंगदारी मांगनेवालों को मौका मिल गया. 23 अक्टूबर का दिन चुना रंगदारों ने. मो आजाद को मजा चखाने के लिए. वे कामयाब हो गये.

23 अक्टूबर को रंगदारों ने मो आजाद को फिर फोन किया और एक तयशुदा जगह पर बुलाया. मो आजाद वहां गये. रंगदार उनको अपनी मारुति कार में बैठाकर अपने साथ ले गये. अब मो आजाद उनकी कैद में आ चुके थे. मो आजाद के मुताबिक, उन्हें किडनैप करनेवालों ने उनके ही मोबाइल से उनके घरवालों को कॉल किया और पैसों की मांग की. किडनैपर्स उनके घरवालों को पैसों के लिए लगातार फोन करने लगे. पहले 25 लाख रुपये मांगे गये, लेकिन बाद में 20 लाख रुपये पर बात तय हुई. बात तो तय हुई, लेकिन न तो किडनैपर्स को पैसे ही मिल रहे थे और न मो आजाद आजाद हो पा रहे थे.

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किडनैपिंग के चार-बांच दिन बीत चुके थे. इसी बीच दुर्गापूजा की ड्यूटी से फरागत पायी पुलिस को इस किडनैपिंग की जानकारी मिल गयी. पुलिस हरकत में आयी. रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा के निर्देश पर ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में टीम बनायी गयी. यह टीम मो आजाद को किडनैपर्स के चंगुल से आजाद कराने में जुट गयी. फाइनली, बुधवार को पुलिस को इसमें कामयाबी मिल गयी.

पुलिस ने मो आजाद को पिठोरिया थाना क्षेत्र के एक जंगली इलाके सकुशल बरामद कर लिया. देर से ही सही, मगर पुलिस इस कार्रवाई की वजह से मो आजाद की जान बच गयी. किडनैपर्स से आजाद होने के बाद मो आजाद ने कहा कि अगर पुलिस ने कुछ और देर कर दी होती, किडनैपर्स उनकी हत्या कर देते. मो आजाद ने पहले तो खुदा का शुक्र अदा किया, उसके बाद रातू थाना पुलिस समेत रांची पुलिस का आभार व्यक्त किया कि उनकी वजह से उनकी जान बच गयी.

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मोबाइल ट्रेस के आधार पर आधा दर्जन से ज्यादा लोग हिरासत में

इधर, पुलिस मो आजाद को किडनैप करने के आरोपियों की धर-पकड़ जुट गयी. मोबाइल ट्रेस और गुप्त सूचना के आधार पर रंगदारी के लिए मो आजाद को किडनैक करने के मामले में आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. उनकी निशानदेही पर घटना में शामिल और कई आरोपियों की तलाश में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.

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