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मेयर-आयुक्त की लड़ाई, घट गयी नगर निगम की कमाई

  • ढाई करोड़ होती थी टैक्स वसूली, अब आ रहे मात्र 20 लाख

Ranchi  :   रांची नगर निगम में टैक्स वसूली को लेकर मेयर और नगर विकास विभाग के बीच विवाद अपने उफान पर है. मेयर आशा लकड़ा ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि टैक्स वसूली का काम कौन सी कंपनी करेगी, इसके फैसले के लिए उन्होंने हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की है. ऐसे में फैसले तक कोई भी कंपनी काम नहीं कर सकेगी.

वहीं नगर आयुक्त ने निगमकर्मियों को निर्देश दिया है कि श्री पब्लिकेशन आगामी सोमवार से टैक्स वसूली का काम करेगी. इस लड़ाई में निगम के राजस्व वसूली पर क्या असर पड़ा है, इसकी चिंता शायद किसी को नहीं है. केवल निगम के हितों को लेकर दोनों पक्षों में बयानबाजी का दौर जारी है.

निगम अधिकारियों की मानें, तो स्पैरो के कार्य करते रहने के दौरान टैक्स के रूप में निगम को जहां हर माह 2 से 2.50 करोड़ की आमदनी हुआ करती थी, वह अब घटकर 16 से 20 लाख तक पहुंच गयी है. निगम खाते में महज 11 से 12 करोड़ रूपये ही बचे हैं, जबकि निगम केवल साफ-सफाई पर हर माह 6 करोड़, कर्मियों के वेतन पर हर माह करीब 1.5 करोड़, अन्य मदों पर 50 लाख रुपये खर्च करता है.

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23 सितंबर तक महज 16 लाख रुपये ही आये

दोनों पक्षों के विवाद का काफी असर निगम की आर्थिक स्थिति पर पड़ा है. इसे पिछले (2019-20) और इस वित्तीय वर्ष (2020-21) के सितंबर माह के आंकड़े से समझा जा सकता है. 1 से 30 सितंबर 2019 के बीच केवल होल्डिंग टैक्स से 2.47 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी. वहीं 1 से 23 सिंतबर 2020 के बीच केवल 16 लाख रुपये वसूली होने की जानकारी हैं.

इसी तरह से जलापूर्ति शाखा में स्पेरो सॉफ्टेक के काम करते रहने के दौरान प्रतिमाह 1 लाख रूपये तक की टैक्स वसूली होती थी. जो कि महीना में करीब 25 लाख तक बनती थी. लेकिन वहीं अब प्रतिदिन 5000 से 6000 रुपये तक पहुंच गयी है.

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ट्रेड लाइसेंस भी नहीं बन रहा

निगम-विभाग विवाद का खामियाजा शहरवासियों को उठाना पड़ रहा है. बीते 13 अगस्त से ही ट्रेड लाइसेंस बनाने का काम ठप पड़ा है. एक सामान्य से लेकर व्यपारी वर्ग तक के लोगों को यह समस्या झेलनी पड़ रही है.

कुछ दिन पहले ही झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने नगर आयुक्त से मिल इस ओर हो रही परेशानी से उन्हें अवगत कराया था. नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही काम शुरू होगा. शायद उनका इशारा सोमवार से काम शुरू होने को था.

लेकिन मेयर अभी भी कंपनी को काम शुरू नहीं करने देने पर अड़ी है. ऐसे में कोई भी कर्मी यह बताने वाला नहीं है कि निगम दोबारा ट्रेड लाइसेंस कब बनाना शुरू करेगा.

सबरीमला मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खुला, 21 अक्टूबर तक पूजा-अर्चना कर सकेंगे  

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