न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

रैली में बोलीं मायावती, यूपी से भाजपा जा रही है और महागठबंधन आ रहा है

लोकसभा चुनाव में मेादी विरोधी गठबंधन में शामिल्‍न बसपा, सपा और रालोद गठबंधन की  पहली संयुक्त रैली  रविवार को सहारनपुर के देवबंद में आयोजित की गयी.

54

Lucknow :  लोकसभा चुनाव में मेादी विरोधी गठबंधन में शामिल्‍न बसपा, सपा और रालोद गठबंधन की  पहली संयुक्त रैली  रविवार को सहारनपुर के देवबंद में आयोजित की गयी. यह पहली बार हुआ कि गठबंधन की तीनों पार्टियों के प्रमुख नेता एक ही मंच पर मौजूद थे. इस रैली में मायावती, अखिलेश यादव, अजित सिंह और जयंत चौधरी ने भाषण दिया. इस क्रम में मायावती और अखिलेश यादव ने भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस पर भी हमलावर हुए. रैली में  बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि अगर भीड़ की जानकारी पीएम मोदी को मिलेगी तो वे पगला जायेंगे और अगली बार शराब के साथ-साथ और न जाने क्या-क्या कहेंगे. इसका संज्ञान नहीं लेना है. कहा कि यह तय है कि अब यूपी से भाजपा जा रही है और महागठबंधन आ रहा है, बशर्ते वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ न हो. बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा. कहा कि कांग्रेस अपनी गलत नीतियों की वजह से हारी. यह हालत भाजपा  की होगी. इस बार सत्ता से बाहर होंगे. इस बार चौकीदारी का नाटक भी नहीं बचा पायेगा.

अच्छे दिन दिखाने का प्रलोभन दिया गया

मायावती ने कहा कि लोगों को अच्छे दिन दिखाने का प्रलोभन दिया गया था, लेकिन एक चौथाई वादे भी पूरे नहीं किये गये. इस बार फिर तमाम हथकंडे अपनाकर गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं. चुनाव घोषित होने के दिन तक उद्घाटन किया.  पीएम मोदी का ज्यादा समय अपने पूंजीपति दोस्तों को बचाने में गया. उन्हीं की चौकीदारी करते रहे. उन्हें ही मालामाल करते रहे. देश के किसान इस सरकार में शुरू से ही दुखी रहे. यूपी में योगी सरकार ने आवारा पशुओं के जरिये और भी बर्बाद कर दिया. गन्ना किसान भी परेशान हैं.  मायावती ने कहा कि हमें मौका मिला तो किसानों का कोई बकाया नहीं रहेगा.

इसे भी पढ़ें – शहरी मतदाताओं का मूड भाजपा के लिए खतरे की घंटी : एडीआर का सर्वे

दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण का कोटा अधूरा

दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण का कोटा अधूरा पड़ा है. पहले कांग्रेस और अब बीजेपी की सरकार में इन वर्गों को प्राइवेट नौकरी में आरक्षण देने के बजाय सारे काम धन्ना सेठों को दिये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से बेरोजगारी बढ़ी है. देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है. साथ ही भ्रष्टाचार भी बढ़ा है. कांग्रेस की सरकार में बोफोर्स और अब भाजपा की सरकार में राफेल सौदा घोटालों का सबूत है.  देश की सीमाएं भी सुरक्षित नहीं हैं. मायावती ने मोदी सरकार पर सीबीआई, ईडी आदि के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया.    मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने गरीबों को लुभाने के लिए 6 हजार रुपये प्रतिमाह देने की बात कही है. कांग्रेस के प्रलोभन में नहीं आना है. इंदिरा गांधी ने भी गरीबी हटाओ के नाम पर नाटकबाजी की थी.

Related Posts

#PMModi ने कहा, सुप्रीम कोर्ट का सम्मान करना जरूरी, बयान बहादुर राम मंदिर को लेकर अनाप-शनाप बयान न दें…  

पीएम मोदी ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है.  कोर्ट में सभी लोग अपनी बात रख रहे हैं.  ऐसे में  बयान बहादुर कहां से आ गये?

चुनाव के समय ही गरीबों की याद क्यों आती है, यह भी सोचने की बात है. मायावती ने कहा कि मैं मुस्लिम समाज के लोगों से कहना चाहती हूं कि कांग्रेस भाजपा को टक्कर नहीं दे सकती है, सिर्फ महागठबंधन ही उन्हें हरा सकता है. इसलिए महागठबंधन को ही वोट दें. मेरे पास रिपोर्ट है कि कांग्रेस चाहती है कि वे भले ही न जीतें, लेकिन महागठबंधन को कतई जीतने नहीं देना है.

इसे भी पढ़ें – रांची से संजय सेठ, चतरा से सुनील सिंह और कोडरमा से अन्नपूर्णा होंगी बीजेपी की उम्मीदवार

 नया प्रधानमंत्री चुनने का समय आ गया  : अखिलेश

देवबंद की  रैली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार पर  हमलावर होते हुए कहा, पहले चायवाला, अब चौकीदार. अब नयी सरकार और नया प्रधानमंत्री चुनने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि इस बार सभी गरीब सभी किसान इन चौकीदारों की चौकी छीनने का काम करेंगे. हमें ठगबंधन बोलते हैं. शराब बोलने वाले लोग सत्ता के नशे में चूर हैं. हमने देखा कि टीवी पर पैर धोये जा रहे थे, वहीं पीछे से दलित भाईयों की नौकरियां जाती रही. कहा कि जीएसटी से छोटे कारोबारियों कोई लाभ नहीं हुआ.  अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं. हमारे जवान मर रहे हैं. इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है. यह महापरिवर्तन का चुनाव है. यह दूरियों को मिटाने का चुनाव है. हमें नफ़रत की दीवार गिरानी है. उन्होंने कहा, जो कांग्रेस है वही भाजपा  है, जो भाजपवा  है वही कांग्रेस है. कांग्रेस परिवर्तन नहीं चाहती. वह अपनी पार्टी बचाना चाहती है.

इसे भी पढ़ें – पांच साल में पीएम मोदी की 44 विदेश यात्राओं पर खर्च हुए 443.4 करोड़

 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like

you're currently offline

%d bloggers like this: