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छत्तीसगढ़ में साथ आये मायावती और अजीत जोगी, देखते रह गये राहुल

मध्य प्रदेश में भी राहुल को झटका !

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Lucknow: राहुल गांधी छत्तीसगढ़ में मायावती की पार्टी बसपा के साथ गठबंधन की बात ही सोच रहे थे. इस बीच बसपा अध्यक्ष ने कांग्रेस की बजाय अजीत जोगी के साथ गठबंधन कर छत्तीसगढ़ के चुनावी रण में उतरने का फैसला कर लिया. मायावती-जोगी के इस गठबंधन को राहुल के लिए एक बड़े झटके और बीजेपी के लिए अवसर के तौर पर देखा जा रहा है. ये पहली बार नहीं है कि राहुल सहयोगी दलों को साधने में फेल साबित हुए हैं बल्कि इससे पहले कर्नाटक, हरियाणा, झारखंड, त्रिपुरा जैसे राज्यों में फेल हो चुके हैं.

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बसपा को ले गए जोगी

गुरुवार को सड़क के रास्ते जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अजीत जोगी लखनऊ आये. मायावती और उनमें सारी बाते हुई. गठबंधन का ऐलान करते हुए मायावती ने बताया कि दोनों पार्टियां आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में मिलकर मैदान में उतरेंगी. जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ राज्य में जहां 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं बसपा 35 सीटों पर अपनी किस्मत आजमाएगी. बसपा प्रमुख ने साफ कर दिया कि अगर उनके गठबंधन को जीत मिलती है तो सीएम अजीत जोगी को बनाया जाएगा.

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भले ही आज कांग्रेस गठबंधन को लेकर अलग-अलग बयान दे रही हो. कांग्रेस महासचिव और छत्तीसगढ़ इंचार्ज पीएल पुनिया ने इस गठबंधन के ऐलान के बाद कहा कि हमें बसपा की तरफ से गठबंधन का प्रस्ताव मिला था, लेकिन कांग्रेस अकेले ही चुनाव लड़ेगी और राज्य में सरकार बनाएगी. लेकिन हकीकत यही है कि कांग्रेस बसपा को अपने साथ नहीं रख पाई. अजीत जोगी कांग्रेस के नाक के नीचे से बसपा को अपने पाले में ले आए. विपक्षी नेताओं के साथ-साथ राजनीतिक जानकार भी मानते हैं कि छत्तीसगढ़ में बसपा से गठबंधन न होने के चलते करीब दो दर्जन सीटों पर नुकसान पार्टी को हो सकता है.

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मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस को झटका

सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं मध्य प्रदेश में भी बसपा ने राहुल को झटका दिया है. इस साल होनेवाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ ना जाकर अकेले चुनाव लड़ने का एलान किया है. मायावती ने गुरुवार को मध्य प्रदेश की 22 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया है.

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एक ओर जहां मोदी के खिलाफ राहुल गांधी का विपक्ष को एकजुट करने की रणनीति पर लगातार झटके पर झटके लग रहे हैं. वही 2019 में मोदी के खिलाफ अभी तक विपक्ष के गठबंधन का स्वरूप तय नहीं हो सका है. इधर बसपा का भी साथ कांग्रेस के हाथ से छुट गया है.

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