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 … तो बर्खास्त हो सकते हैं एमजे अकबर,  मामला राज्यसभा की आचार समिति में जायेगा

खबरों के अनुसार  एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली कुछ महिला पत्रकार राज्यसभा की आचार समिति के संपर्क में हैं.  

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NewDelhi : यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे पूर्व केन्द्रीय मंत्री एमजे अकबर पर राज्यसभा की आचार समिति द्वारा कार्रवाई की जा सकती है. कार्रवाई की तहत एमजे अकबर संसद सदस्यता से भी बर्खास्त हो सकते है. खबरों के अनुसार  एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली कुछ महिला पत्रकार राज्यसभा की आचार समिति के संपर्क में हैं.  समिति के एक सदस्य के अनुसार महिला पत्रकारों ने यह मामला समिति के समक्ष उठाया है. बता दें कि एमजे अकबर  2016 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा पहुंचे हैं. बाद में वे विदेश राज्य मंत्री बनाये गये थे. आरोपों से घिरने के बाद अकबर को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. बता दें कि राज्यसभा की आचार समिति ऊपरी सदन के सदस्यों के आचार विचार से संबंधित मामले देखती है.  इस क्रम में समिति सदस्यों के लिए कोड ऑफ कंडक्ट तैयार करती है और इसका पालन सुनिश्चित करती है.  जानकारी के अनुसार यदि कोई सदस्य अनैतिक व्यवहार या नियमों को तोड़ने का दोषी पाया जाता है तो समिति को अधिकार है कि वह उस सदस्य पर एक या एक से ज्यादा प्रतिबंध लगा सकती है.  संसद सदस्यता से बर्खास्तगी और अन्य प्रतिबंध भी समिति द्वारा लगाये जा सकते हैं.

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एमजे अकबर के खिलाफ लगे आरोप काफी गंभीर हैं

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राज्यसभा की आचार समिति के सदस्य और टीआरएस सांसद के केशवा राव के अनुसार जब तक संसद की आचार समिति के सामने मामला नहीं आता है, तब तक वह इन्हें आरोप ही मानेंगे.  हालांकि एमजे अकबर के खिलाफ लगे आरोप काफी गंभीर हैं. लेकिन आचार समिति नियमों के तहत ही इस मामले में कार्रवाई करेगी. जानकारी के अनुसार आचार समिति की अगली बैठक में एमजे अकबर का मामला उठने की उम्मीद है.  सूत्रों बताते हैं कि पीड़ित महिला पत्रकारों को सलाह दी गयी है कि वह, सभापति एम वेंकैया नायडु की प्रतिक्रिया का इंतजार ना करें. वे समिति के सदस्यों को सीधे तौर पर लिखित रूप से शिकायत दें.  कहा गया कि  इसके पीछे सोच है कि इससे एमजे अकबर पर संसद सदस्यता से इस्तीफा देने का दबाव पड़ेगा.  वैसे अभी तक किसी महिला पत्रकार द्वारा लिखित में शिकायत नहीं की गयी है.

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