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दिव्यांगों की सीधी नियुक्ति के लिए तय अधिकतम आयु सीमा बढ़ी

छह जिलों में बननेवाले कोल्ड स्टोरेज का इस्टीमेट सरकार ने बढ़ाया

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विधि विभाग के अनुसंधानकर्ता और अनुसंधान सहयोगी का मानदेय 20 से बढ़ कर हुआ 30 हजार

Ranchi: झारखंड सरकार ने दिव्यांगों की सीधी नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा को बढ़ा दिया है. राज्य मंत्रिपरिषद की बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. मंत्रिपरिषद ने दिव्यांगों की नियुक्ति में सभी वर्गों में तय अधिकतम आयु सीमा की लिमिट पांच वर्ष से बढ़ा कर 10 वर्ष कर दी है. कार्मिक, प्रशासनिक और राजभाषा सुधार विभाग के संकल्प 609, दिनांक जनवरी 2016 को संशोधित कर दिया गया है. अब अनारक्षित वर्ग में दिव्यांग जन 45 वर्ष, अनुसूचित जाति-जनजाति संवर्ग में 50 वर्ष, अन्य पिछड़ा वर्ग में 47 वर्ष तक, महिलाओं में 48 वर्ष तक अपना आवेदन दे सकेंगे. मंत्रिमंडल ने न्यायाधीशों को सहयोग करनेवाले 25 विधि अनुसंधानकर्ता और अनुसंधान सहयोगियों का मानदेय 20 हजार से बढ़ा कर 30 हजार रुपये कर दिया है. ये सभी संविदा पर राज्य के विभिन्न न्यायालयों में कार्यरत हैं.

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स्थापना दिवस समारोह के लिए नामित की गयी कैलाश खेर की कंपनी

राज्य सरकार ने स्थापना दिवस समारोह 2018 के लिए कैलाश खेर की कंपनी को नोमिनेट किया है. कैलाश खेर की कंपनी स्थापना दिवस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेगी. कंपनी को सरकार 35 लाख रुपये का भुगतान करेगी. इसमें यातायात और आवासीय शुल्क अलग से देय होगा.

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सात जिलों में बनेगा कोल्ड स्टोरेज

राज्य के लोहरदगा, बोकारो, चतरा, पूर्वी सिंहभूम, पलामू और साहेबगंज जिले में 7.72 करोड़ (प्रत्येक) की लागत से बननेवाले कोल्ड स्टोरेज के प्राक्कलन को भी सरकार ने संशोधित कर दिया है. 46.32 करोड़ के पूर्व के इस्टीमेट में सरकार भवन निर्माण निगम लिमिटेड को छह प्रतशित एजेंसी चार्ज का भुगतान कर रही है. इसकी वजह से पूर्व का इस्टीमेट बढ़ कर 49.1 करोड़ हो गया है. सरकार की तरफ से चालू वित्तीय वर्ष में 13.1 करोड़ रुपये योजना में खर्च करने की सहमति भी दी गयी है.

धनबाद के निरसा में रेल मंत्रालय विशेष रेल परियोजना के लिए 8.334 एकड़ जमीन हस्तांतरित किये जाने पर भी मंत्रिमंडल ने सहमति प्रदान की. सरकार की तरफ से जैविक प्रमाणीकरण और जैविक खाद्य प्रोत्साहन को लेकर 30 करोड़ रुपये भी दिया गया.झारखंड में नाबार्ड के 999.34 करोड़ के कर्ज से बन रही 18 पथ परियोजनाओं के लिए ऋण लिये जाने की घटनोत्तर स्वीकृति भी दी गयी.

इसी प्रकार ग्राम्य अभियंत्रण संगठन (आरइओ) के द्वारा 66 ग्रामीण स्तरीय पुलिया के लिए लिये गये 181.83 करोड़ रुपये के ऋण को भी स्वीकृति दी गयी. ये कर्ज नाबार्ड से रूरल इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट फंड के तहत लिये गये थे. मंत्रिमंडल ने कॉमन सर्विस सेंटर वर्जन-2 के तहत आम जनता को सूचना, सेवा शुल्क दरों का पुनर्निधारण भी किया गया है. सरकार की तरफ से खूंटी शहरी जलापूर्ति योजना के लिए सिंगल टेंडर डालनेवाली चेन्नई की कंपनी श्रीराम इपीसी को कार्यादेश देने का भी निर्णय लिया गया. कंपनी ने विश्व बैंक संपोषित परियोजना के लिए 13.38 प्रतिशत अधिक दर से शहरी जलापूर्ति परियोजना को पूरा करने का प्रस्ताव दिया था. कैबिनेट की बैठक में गोमिया और सिल्ली विधानसभा उप चुनाव में लंबित भुगतान के लिए झारखंड आक्समिकता निधि से 3.58 करोड़ रुपये दिये जाने की भी सहमति दी गयी.

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