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सिंदरी विस सीट पर मासस अध्यक्ष आनंद महतो का दावा – JMM करेगी सपोर्ट  

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Manoj Mishra

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Dhanbad: लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही झारखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर मंथन शुरू किया जा चुका है. टिकट की दावेदारी सुनिश्चित कराने के लिए विजय जुलूस की आड़ में शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा है. विधानसभा के टिकट की दावेदारी पुख्ता कैसे हो, इसे लेकर दिग्गजों के आवास पर मैराथन बैठक और विजय जुलूस की होड़ से अंदाजा लगाया जा सकता है.

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बीजेपी का हौसला बुलंद 

धनबाद लोकसभा के सभी छह विधानसभा की बात करें तो भाजपा को सभी विधानसभा में साल 2014 के मुकाबले साल 2019 में अधिक वोट मत मिले हैं. वहीं भाजपा के वोट बैंक में बेतहाशा वृद्धि से टिकट के प्रमुख दावेदारों के हौसले बुलंद हैं और अपनी राह आसान करने की दिशा में अभी से ही पहल शुरू कर दिया है .

धनबाद लोकसभा के छह विधानसभा धनबाद, बोकारो, चंदनक्यारी, निरसा, झरिया, सिन्दरी  के साथ धनबाद जिला अंतर्गत गिरिडीह लोकसभा के टुन्डी एवं बाघमारा विधानसभा क्षेत्र में  विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है.

सबसे ज्यादा चर्चा सिंदरी विधानसभा को लेकर है. कारण स्पष्ट है कि जिस तरह से लोकसभा चुनाव में उम्रदराज भाजपा नेताओं को टिकट नहीं मिला, तो सूत्रों का कहना है कि सिंदरी विधानसभा के वर्तमान विधायक फूलचंद मंडल का टिकट भी कट सकता है.

वहीं चर्चा यह भी है कि मासस के केन्द्रीय अध्यक्ष आनंद महतो इसबार सिंदरी विधानसभा से खुद नहीं चुनाव नहीं लड़ेंगे. बल्कि अपने बेटे बबलू महतो को मासस से सिंदरी विधानसभा का प्रत्याशी बनाएंगे.

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चुनाव में मासस को सपोर्ट करेगा जेएमएम

मासस सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, मासस और झामुमो के बीच एक गुप्त समझौता के तहत बबलू को चुनावी मैदान में उतारने का फैसला लिया गया है. मासस अध्यक्ष आनंद महतो ने न्यूज विंग से बातचीत में यह दावा किया है कि, झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने  भरोसा दिया है कि विधानसभा चुनाव में सिंदरी से वह अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे. साथ ही यह भी दावा किया कि हेमंत सोरेन ने कहा है कि भाजपा को हराने के लिए जेएमएम, मासस को समर्थन देगी.

गौरतलब है कि जब-जब मासस और झामुमो ने साथ मिलकर सिंदरी विधानसभा से चुनाव लड़ा है, तब-तब मासस की जीत हुई है. इतिहास को देखते हुए मासस अध्यक्ष आनंद महतो ने इसबार अपने बेटे बबलू महतो को विधायक बनाने की मंशा पाल ली है. हालांकि सियासत में कभी भी कुछ भी होने की संभावना बनी रहती है, इसके बावजूद अटकलों का बाजार बना रहता है.

दावेदारों ने अभी से ढोल पीटना शुरू कर दिया

धनबाद लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों पर गौर करें तो सिंदरी विधानसभा से भाजपा को बंपर वोट मिला है. सिंदरी विधानसभा के दो प्रखंड गोबिन्दपुर, बलियापुर एवं सिंदरी टाउनशिप के 54 बूथों पर भाजपा को कांग्रेस एवं अन्य के मुकाबले बहुतायत में वोट मिले.

साल 2014 के मुकाबले साल 2019 के लोकसभा चुनाव में दोगुना मत मिले हैं. साल 2014 में सिंदरी विधानसभा में भाजपा को लगभग 76 हजार मत मिले थे, जबकि इस बार एक लाख 37 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं.

जिससे उत्साहित सिंदरी विधानसभा के टिकट दावेदारों ने अपनी-अपनी दावेदारी को लेकर ढोल पीटने का काम शुरु कर दिया है. टिकट के प्रबल दावेदारों में वर्तमान विधायक फूलचंद मंडल के पुत्र प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य धरनीधर मंडल, धनबाद जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष इन्द्रजीत महतो एवं युवा भाजपा नेता टाइगर फोर्स जिलाध्यक्ष सह भाजपा देश कार्यसमिति सदस्य धर्मजीत सिंह का नाम शामिल है.

तीनों दावेदार अपनी उपलब्धियों का बखान  रहे

ये तीनों ही प्रबल दावेदार अपनी-अपनी उपलब्धियों का बखान करते नहीं थकते. धरनीधर मंडल कहते हैं कि गोविन्दपुर प्रखंड में लगभग सत्तर हजार, बलियापुर में लगभग पचास हजार और सिंदरी टाउन में लगभग सतरह हजार वोट मिले हैं. लेकिन विधानसभा चुनाव में भाजपा को दो लाख से ज्यादा  वोट मिले, इसी दिशा में लक्ष्य निर्धारित कर काम करेंगे.

वहीं जिला भाजपा के चार बार सफल पदाधिकारियों की भूमिका निभा चुके जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष इन्द्रजीत महतो कहते हैं कि, लोकसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय एवं राज्य के दिग्गजों ने उनके काम को सराहा है. उन्होंने पार्टी की जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निर्वहन किया है.

पार्टी अगर उन्हें सिंदरी विधानसभा से उम्मीदवार बनाती है तो उन्हें विश्वास है कि सिंदरी विधानसभा में सभी समीकरण टूट जाएंगे और मासस पत्ते की तरह टूटकर बिखर जाएगा. उन्होंने कहा कि बलियापुर प्रखंड के दो अलग-अलग भागों से अपने दमखम पर उन्होंने जिला परिषद चुनाव लड़ा और जीता. वहीं विधायक के पुत्र हार गये. इससे साफ है कि सिंदरी की जनता किसके साथ है?

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धर्मजीत सिंह तेजी से उभरने वाले चेहरे

इधर, टाइगर फोर्स जिलाध्यक्ष धर्मजीत सिंह पिछले पांच सालों में धनबाद जिला में सबसे तेजी से उभरने वाले चेहरे हैं. धर्मजीत सिंह अपने जुझारू प्रवृत्ति और ताबड़तोड़ कार्यशैली से सिंदरी विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों में गहरी पैठ बना ली है. साथ ही अपने लोक कल्याण नीति और शालीनता की बदौलत सिंदरी विधानसभा की जनता के बीच लोकप्रिय है.

देखना दिलचस्प होगा कि आखिर 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा फूलचंद की जगह इन्द्रजीत, धर्मजीत, धरनीधर में से किस पर बाजी लगाती है. हालांकि देखना दिलचस्प यह भी होगा कि भाजपा वंशवाद को तरजीह देती है या फिर कर्मठ कार्यकर्ताओं को सौभाग्य मिलता है.

होगा क्या यह तो  भविष्य के गर्भ में है, लेकिन विधानसभा चुनाव की बिसात पूरी तरह से बिछने लगी. शह-मात के खेल से टिकट का दावेदार एक दूसरे को पटकनी देने का खेल अभी से ही शुरू हो गया है.

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