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23 मार्च: हर कोई रोया जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को हुई थी फांसी

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New Delhi : देश और दुनिया के इतिहास में यूं तो कई महत्वपूर्ण घटनाएं 23 मार्च की तारीख के नाम दर्ज हैं. लेकिन भगत सिंह और उनके साथी राजगुरु और सुखदेव को फांसी दिया जाना भारत के इतिहास में दर्ज सबसे बड़ी एवं महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है. 23 मार्च 1931 के दिन देश का हर एक नागरिक के आंखों में आंसू थे. क्योंकि देश के लाल उस दिन देश की खातिर अपनी जान दे रहे थे.

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अंग्रेजों के खिलाफ हमेशा रखी अपनी आवाज बुलंद

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भगत सिंह ऐसे देशभक्त थे जिन्होंने कभी भी अंग्रेजों की गुलामी कबूल की. उन्होंने हमेशा अंग्रेजों के खिलाफ अपना आवाज बुलंद रखी. अपनी बात पहुंचाने के लिए उन्होंने असेंबली में बम फेंक दिया था. लेकिन इसके बाद भी वह भागे नहीं. जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. और इसी के लिए उन्हें फांसी की सजा दे दी गयी. वर्ष 1931 में भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को 23 मार्च को ही फांसी दी गई थी.

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देश दुनिया के इतिहास में 23 मार्च की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं

1880 : भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता बसंती देवी का जन्म.

1910: स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी, प्रखर चिन्तक एवं समाजवादी राजनेता डॉ राममनोहर लोहिया का जन्म हुआ.

1931: भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को अंग्रेजों ने फांसी दी.

1956 : पाकिस्तान दुनिया का पहला इस्लामिक गणतंत्र देश बना.

1996: ताइवान में पहला प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव हुआ, जिसमें ली तेंग हुई राष्ट्रपति बने.

वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर की बात करें तो 1956 को जहां पाकिस्तान पहला इस्लामकि गणतंत्र देश बना, वहीं 1996 में ताइवान में पहली बार प्रत्यक्ष राष्ट्रपति चुनाव हुए.

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