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बीजापुर हमले के बाद माओवादियों ने जारी किया प्रेस नोट, जवानों की शहादत पर जताई संवेदना, जानें-क्या-क्या कहा

मेरी लड़ाई सरकार से जवानों से नहीः नक्सली

Raipur: छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी कर सुरक्षा बलों की शहादत पर संवेदना जताई है. मालूम हो कि नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो गए और 30 घायल हुए हैं. इस घटना से केंद्र व राज्य सरकारों के साथ ही देश की जनता उद्वेलित है.

 

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बीजापुर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को छत्तीसगढ़ पहुंचे थे. उन्होंने जगदलपुर और ​बीजापुर में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. अमित शाह ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई को अंजाम तक ले जाएंगे. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रहे हैं. अमित शाह ने इससे पूर्व इस बाबत दिल्ली में भी उच्च स्तरीय बैठक की थी.

 

नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय द्वारा जारी प्रेस नोट में आरोप लगाते हुए लिखा है कि अमित शाह देश के गृहमंत्री होने के बावजूद बीजापुर की तर्रेम की घटना पर बदला लेने की असंवैधानिक बात कर रहे हैं. नक्सली संठगन ने अमित शाह के नक्सलियों के खात्मे की बात का खंडन करते हुए इसे उनकी बौखलाहट करार दिया है. नक्सल प्रवक्ता ने सवाल किया है कि अमित शाह किस- किस से बदला लेंगे? आगे लिखा है कि शोषित जनता और नक्सली अलग नहीं है और दिन ब दिन जनता क्रांति के चेतना प्राप्त कर पूंजीवादी व्यवस्था के खिलाफ विभिन्न रूपों में संघर्ष कर रही है. नक्सल प्रवक्ता ने कहा है कि अमित शाह बदला लेने की रणनीति छोड़ किसानों की समस्या के साथ देश की विभिन्न समस्याओं पर ध्यान देना चाहिये. उन्होंने कहा है कि उनकी लड़ाई सरकार से है जवान से नहीं.

 

इस प्रेस नोट के माध्यम से नक्सलियों ने 26 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया है. कहा है कि यह भारत बंद किसान आंदोलन के साथ देश के अन्य जन संघर्षों का समर्थन करता है. केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जनता को कोरोना महामारी से बचाने की दिशा में नहीं सोचते हुए नक्सलियों का भूत खड़ा किया जा रहा है. कहा है कि सरकार को सिर्फ सत्ता की फिक्र है.

 

 

नक्सल प्रवक्ता ने दावा है कि इस दौरान सुरक्षाबलों के 100 के करीब जवान या घायल हुए या शहीद हुए हैं. पश्चिम सिंहभूम बोकारो, लोहरदग्गा, बीजापुर, नारायणपुर, गड़चिरौली, मलकानगिरी और कांकेर के आंकड़े दिए गए हैं. इसमें केंद्र के बल सीआरपीएफ, कोबरा, आईटीबीपी, बीएसएफ, बस्तर बटालियन और राज्यों के बल एसओजी डीवीएफ झारखंड जगवार डीआरजी सीएएफ सी-60  के जवानों को शामिल बताया है. इन मौतों के लिए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ साथ नॉर्थ ब्लॉक को जिम्मेदार ठहराया है.

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