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भाकपा माओवादी को सबसे ज्यादा लेवी झारखंड से, लालच में दूसरे राज्यों से आ रहे नक्सली

पिछले ढाई साल के दौरान भाकपा माओवादी के 13 नक्सलियों की 3,47,53,549 करोड़ की संपत्ति हुई जब्त

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Ranchi : प्रतिबंधित नक्सली संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) को सबसे अधिक वित्तीय मदद झारखंड से मिल रही है. यही वजह है कि दूसरे राज्यों के नक्सली करोड़पति बनने के लालच में यहां आकर सक्रिय हो गये हैं. बाहर के नक्सली पैसे कमाकर लौट जाते हैं.

इसी के मद्देनजर झारखंड पुलिस न सिर्फ माओवादियों के आर्थिक स्रोतों पर वार कर रही रही है, बल्कि लेवी वसूल कर खड़ी गयी उनकी संपत्ति को भी जब्त करने में जुटी हुई है.

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नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के दौरान यह महसूस किया जा रहा है कि गिरफ्तारी या कार्रवाई से नक्सली पूरी तरह से हतोत्साहित नहीं हो पा रहे है. ऐसे में यह जरूरी है कि लेवी से अर्जित किये गये संपति को जब्त किया जाये.

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नगदी से लेकर सोना तक हुए हैं जब्त

मिली जानकारी के अनुसार, झारखंड पुलिस ने पिछले ढाई साल के दौरान भाकपा माओवादी के 13 नक्सलियों की करीब 3,47,53,549 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है. इसमें नगद रुपये, जमीन, घर, सोना और गाड़ी शामिल हैं.

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भाकपा माओवादी के जिन 13 नक्सलियों की संपत्ति जब्त की गयी है, उनमें एक रिजनल कमांडर, एक जोनल कमांडर, पांच सब जोनल कमांडर, एक एरिया कमांडर व पांच सदस्य शामिल हैं.

इस दौरान इनकी 83.53 एकड़ भूमि जिसकी कीमत 73 लाख 62 हजार 800 रुपये है, जब्त की गयी है. आठ भवन भी जब्त किये गये हैं, जिसकी कीमत एक करोड़, 96 लाख 19 हजार 443 रुपये है. 473.9 ग्राम सोना, 56 लाख 71 हजार 316 रुपये नकदी व छह लाख की गाड़ी भी जब्त की जा चुकी है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार झारखंड से भाकपा माओवादियों को सबसे ज्यादा धन उगाही के जरिये मिलता है. हर साल करोड़ों रुपये की राशि नक्सली यहां से एकत्र करते हैं.

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ज़मीन, मकान, दुकान आदि में निवेश कर रहे नक्सली

लेवी से कमाये धन से माओवादी जमीन, मकान, दुकान आदि में भारी निवेश कर रहे हैं. छापों के दौरान उनके पास से बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गयी है. बड़े नक्सल नेताओं की करोड़ों रुपयों की सम्पत्ति भी जब्त की गयी है.

नक्सली तेंदू पत्ते, इलाके में चल रहे उद्योगों, व्यवसायियों व अधिकारियों से उगाही करते हैं. लेवी से वसूले गये पैसे से नक्सलियों ने व्यक्तिगत संपति जमा की है.

आर-पार की लड़ाई का निर्देश

सरकार ने एजेंसियों को यह पता लगाने का निर्देश दिया है कि सुरक्षा बलों के ऑपरेशन के बाद अब कितने नक्सली नेता इस इलाके में बचे हैं. उनकी उगाही के तंत्र को ध्वस्त करने के लिए रणनीति में क्या बदलाव करने की जरूरत है?

सरकार ने एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे नक्सलियों के आर्थिक स्रोत पर लगाम कसने के लिए आर-पार की रणनीति पर काम करें. जहां भी उनकी संपत्ति का अंदेशा हो, उसे जब्त करके उसके स्रोत को बंद करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाये जायें.

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